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एमपी के इस विश्वविद्यालय में पेंशन लेने बुजुर्गों को करना पड़ रहा कार्य

अधिकारियों ने लगाई ड्यूटी...

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रीवा

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Ajit Shukla

Sep 26, 2018

Retired Employees working in Rewa APSU for pension

Retired Employees working in Rewa APSU for pension

रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय अधिकारियों के भी कार्य निराले हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को इस शर्त पर छठवें वेतनमान के अनुरूप पेंशन देने की हामी भरी है कि वह इससे संबंधित कार्य खुद करेंगे तभी भुगतान कर पाना संभव होगा। अधिकारी इस बात का हवाला दे रहे हैं कि उनके पास संबंधित कार्य कराने के लिए कर्मचारी नहीं हैं।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ७० वर्ष की आयु में करना पड़ेगा कार्य
बढ़ा पेंशन पाने की चाहत में मजबूरी पेंशन ७० वर्ष की आयु पूरी करने के बावजूद कार्य करने को तैयार हैं। यह बात और है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी आदेश से वह आहत हैं। दलील है कि उन्हें न तो पारिश्रमिक की लालच है और न ही इस उम्र में कार्य करने की तकलीफ। उनके दिल को ठेस पहुंची है उस आदेश जो विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी उन्हें कार्य करने के बावत जारी किया गया है। विश्वविद्यालय के आदेश में सेवानिवृत्त कर्मचारियों से अनुरोध की बजाय उन्हें निर्देशित किया गया है।

विश्वविद्यालय में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नहीं मिला पेंशन
दरअसल विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके खुद के साथ दूसरे सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन संबंधित कार्य करने के लिए आदेश जारी किया गया। आदेश में श्याम सुंदर गर्ग, सत्यदेव ताम्रकार, अशोक कुमार शुक्ल शामिल हैं। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अभी छठवें वेतनमान के अनुरूप पेंशन नहीं जारी किया जा रहा है, जबकि इस बावत उच्च न्यायालय का भी आदेश जारी हो चुका है।

दूसरे विभागों के कर्मचारियों के पेंशन में पहले ही चुकी है बढ़ोत्तरी
विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नौ वर्ष बाद भी छठवें वेतनमान के अनुरूप पेंशन नहीं मिल पा रही है। जबकि बाकी के दूसरे विभाग के कर्मचारियों को बढ़ी हुई पेंशन मिल रही है। बढ़ी पेंशन नहीं मिलने पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वहां से उनके पक्ष में आर्डर भी हुआ, लेकिन पेंशन में बढ़ोत्तरी नहीं हो सकी। अब उसके लिए खुद कार्य करना पड़ेगा।