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प्रदेश के इस विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को मिला बड़ा लाभ, आज ही हुआ निर्णय

कार्यपरिषद ने दी हरीझंडी...

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रीवा

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Ajit Shukla

Sep 25, 2018

Age of retirement in Rewa's APSU increased, EC decision

Age of retirement in Rewa's APSU increased, EC decision

रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने आखिरकार कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने को हरी झंडी दे दी है। मंगलवार को बुलाई गई बैठक में सदस्यों की सहमति मिलने के बाद कर्मचारियों ने खुशी की लहर दौड़ गई है। यह बात और रही कि सुबह कर्मचारियों का धरना जारी रहा। वैसे तो कार्यपरिषद के निर्णय का लाभ विश्वविद्यालय के सभी कर्मचारियों को मिला है, लेकिन तात्कालिक तौर पर आठ कर्मचारी लाभान्वित हुए हैं।

वित्तीय व्यवस्था के बारे में हुई पूछताछ
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कर्मचारियों की मांग पर इस मुद्दे को लेकर कार्यपरिषद की आपातकालीन बैठक बुलाई। बैठक में विश्वविद्यालय अधिकारियों की ओर से सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सदस्यों ने तत्काल मंजूर कर लिया। यह बात और रही कि सदस्यों ने यह प्रश्न जरूर किया कि उनके वेतन भुगतान को लेकर विश्वविद्यालय की ओर से वित्तीय व्यवस्था किस तरह किया जाएगा।

कई कर्मचारियों को मिला तत्काल लाभ
गौरतलब है कि 31 मार्च के बाद से अब तक विश्वविद्यालय के आठ कर्मचारियों की सेवानिवृत्त की अवधि पूरी हो चुकी है, लेकिन आदेश जारी नहीं होने की स्थिति में कर्मचारियों के सेवाकाल में बढ़ोत्तरी संभव नहीं हो सकी। कर्मचारियों की इसी बात को लेकर आक्रोश रहा है।

31 मार्च बाद से आदेश होगा लागू
कर्मचारी संघ की ओर से शुरू किया गया कार्य बहिष्कार भी इसी का नतीजा रहा है। आदेश 31 मार्च के बाद से लागू किया गया है। इसलिए इसके बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को राहत मिलेगी। कुलपति प्रो. केएन सिंह यादव, एसएस तिवारी, डॉ. महेश चंद श्रीवास्तव, डॉ. अतुल सिंह, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. अर्चना गुप्ता सहित अन्य सदस्यों के अलावा कुलसचिव डॉ. बृजेश सिंह उपस्थित रहे।

अतिथि विद्वानों के खाली पदों पर होगी नियुक्ति
विश्वविद्यालय में दो सूत्रीय एजेंडा पर बुलाई गई बैठक में दूसरा बिन्दु अतिथि विद्वानों के नियुक्ति से संबंधित रहा है। कार्यपरिषद सदस्यों ने बैठक में निर्णय लिया है कि जिन विभागों में पद रिक्त हुए हैं, उनमें नए सिरे से नियुक्ति की जाएगी। बाकी के पदों पर पूर्व में कार्यरत अतिथि विद्वान ही अध्यापन कार्य में लगे रहेंगे। विभागों में रिक्त पदों की जानकारी लेने की बात कही गई। मानदेय के मुद्दे पर कहा गया कि विभागाध्यक्षों से संचालित पाठ्यक्रमों के आय-व्यय का विवरण लिया जाए। मानदेय पर निर्णय उसी के आधार पर लिया जा सकता है।

कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर कुलपति को सौंपा ज्ञापन
कार्यपरिषद की बैठक से पहले कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी एक घंटे का कार्यबहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन कर उनकी ओर से कुलपति प्रो. केएन सिंह यादव को ज्ञापन सौंपा गया। कर्मचारियों ने कुलपति से कहा कि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करने को विवश होंगे। फिलहाल परिषद की बैठक में सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने संबंधित मांग पूरी किए जाने पर कर्मचारियों ने संतोष जाहिर किया और अन्य लंबित मांगों को पूरी किए जाने की मांग की।