गांधी जयंती पर धरना....
रीवा। समस्याओं का निराकरण हो या लंबित भुगतानों का मामला हो। विद्यालय में भेदभाव किया जाता है। तरह-तरह से परेशान किया जाता और संकुल प्राचार्य भी चुप्पी साधे रहते हैं। यह आरोप शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मार्तण्ड क्रमांक तीन के उन शिक्षकों का है, जिनके द्वारा विद्यालय के समक्ष गांधी जयंती पर सत्याग्रह किया गया।
मांग पूरी नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन धरना पर बैठेंगे
शिक्षक संघर्ष मंच के बैनर तले विद्यालय के मुख्य द्वार पर सत्याग्रह के तहत धरना पर बैठे शिक्षकों ने भेदभाव करने वालों पर कार्रवाई की मांग करते हुए उनके लंबित भुगतान जारी किए जाने का आग्रह किया। सत्याग्रह पर बैठे शिक्षक देवराज चतुर्वेदी, मनोज कुमार पांडेय, बिहारी लाल गर्ग, विजय कुमार पांडेय, महेश कुमार वर्मा, पंचरतन राम वर्मा व सुरेश चंद्र तिवारी ने सामूहिक रूप से विभिन्न समस्याओं के निवारण की मांग की। कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वह अनिश्चितकालीन धरना पर बैठने को बाध्य होंगे।
शिक्षकों मांग में शामिल प्रमुख बिन्दु
सातवां वेतनमान भुगतान में न हो भेदभाव
शिक्षकों को सातवां वेतनमान जारी करने में भेदभाव नहीं किया जाए। शिक्षकों ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए अब तक हुए भुगतान व उसमें लेन-देन के मामले की जांच कराने की मांग की है।
हकदार शिक्षकों को मिले नियमित वेतनमान
विद्यालय के हकदार शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से नियमित वेतनमान दिया जाए। इसके साथ ही आदेश तिथि से अब तक के एरियर भी भुगतान किया जाए। विद्यालय में जानबूझ कर यह लंबित किया गया है।
छठवां वेतनमान का एरियर
विद्यालय में अध्यापक संवर्ग को लंबित छठवें वेतनमान का एरियर भी नहीं दिया गया है। लंबित एरियर का भी जल्द से जल्द भुगतान किया जाए। नहीं तो उनके समर्थन में शिक्षक भी आंदोलन करेंगे।
क्रमोन्नति का भी अधर में लटका
शिक्षकों को लंबित तृतीय क्रमोन्नति एरियर का भी भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। शिक्षकों ने एरियर का शीघ्र से शीघ्र भुगतान किए जाने की मांग की है।
विद्यालय में हो रही है वसूली
धरना पर बैठे शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि विद्यालय में हर कार्य के लिए वसूली की जाती है। इसकी भी जांच कराई जाए।