
रीवा. सोहागी पहाड़ पर राहगीरों की राह जल्द आसान होगी। मंदिर के सामने रीवा से चाकघाट की ओर जाने वाले साइड में सडक़ को करीब 100 फीट से अधिक गहरा कर दिया गया है। जिससे चढ़ाई कम हो गई। कस्ट्रक्शन कंपनी की अनदेखी के चलते खोदी गई गहरी सडक़ पर धूल का गुबार उड़ रहा है। जिससे पत्थर ढहने और दुर्घटना का भय बना हुआ है।
ऊंचाई कम करने मंदिर के सामने कर दिया 100 फिट गहरा
मंदिर के सामने रीवा से चाकघाट की ओर जाने पर बायीं साइड में सडक़ की ऊंचाई कम करने के लिए गहरा कर दिया गया है। जिससे चाकघाट की ओर से पहाड़ चढऩे वाले वाहनों के लिए राह आसान होगी। लेकिन, सडक़ पर दोनों छोर में दिवार नहीं खड़ी करने की स्थित में सडक़ पर चलने पर ऊपर से पत्थर ढहने का डर बना हुआ है। सिंचाई नहीं होने से धूल का गुबार उठ रहा है। जिससे सडक़ पर चलने वाले वाहन दिखाई नहीं पड़ते हैं। आगे चल रहे वाहन से उठने वाला धूल का गुबार इस कदर रहता है कि पिछे चल रहे वाहन को सामने दिखाई नहीं देता है। जिसस दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। चालकों ने विभागीय अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए सिंचाई करने की मांग उठाई है।
सोहागी पहाड़ पर सफेद और लाल रंग की खडिय़ा
सोहागी पहाड़ पर मंदिर के सामने सडक़ पर गहरीकरण के बाद लाल और सफेद रंग की खडिय़ा निकलने की सूचना पर आस-पास गांव के लोग बोरियों में भर कर घर ले जा रहे हैं। कस्ट्रक्शन कंपनी ने भूस्लखन के भय से ग्रामीणों को खडिय़ा (छुई) का खनन करने से मना कर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि सफेद और लाल रंग के खडिय़ा से घर की पुताई के उपयोग में लिया जाएगा। इस बावत जिला खनिज अधिकारी रत्नेश से बात की गई तो उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय भौमिकी कार्यालय को इसकी सूचना दी जाएगी। जांच के बाद ही पता चलेगा कि रंगीन मिट्टी है या फिर कोई अन्य खनिज सामग्री है।