रीवा

कई स्थानों पर बम प्लांट करने वाले तीन आरोपी यूपी से गिरफ्तार, सरकार से भी मांगी थी फिरौती

मैकेनिकल इंजीनियर है बम कांड का मास्टरमाइंड, भोपाल से की थी पढ़ाई, पहले टे्रनों में भी बम टाइमर प्लांट कर चुके...।

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Feb 04, 2022
आरोपियों ने पत्र लिखकर यूपी के सीएम का भी जिक्र किया था...।

रीवा। उत्तरप्रदेश को जोडऩे वाले नेशनल हाइवे के पुलों पर सीरियल बम टाइमर प्लांट करने वाले तीन आरोपी उत्तरप्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार किए गए हैं। इस गिरोह का मास्टरमाइंड मैकेनिकल इंजीनियर है, जिसने नौकरी जाने के बाद गिरोह को जोड़ा और सरकार को ब्लैकमेल की तैयारी में जुट गए। आरोपियों के कब्जे से बरामद कार से बम की डिवाइस से जुड़े उपकरण और कुछ किताबें जब्त की गईं हैं।

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गौरतलब है कि एक सप्ताह में रीवा-प्रयागराज और रीवा-बनारस हाइवे में पांच स्थानों पर बम टाइमर लगाए गए थे। इनके साथ धमकी भरी चिट्ठी छोड़ी गई थी। इस सिलसिले में रीवा पुलिस ने यूपी पुलिस की मदद से तीन आरोपियों प्रकाश सिंह सोमवंशी पिता ब्रह्म सिंह (35) व रामतीरथ पिता रामहौसला (36) निवासी भसुंदर खुर्द थाना मेजा जिला मिर्जापुर व दिनेश दुबे उर्फ दीपक पिता ओमप्रकाश (35) निवासी गंगानगर कॉलोनी मेरठ उत्तरप्रदेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछतांछ में अभी यह साफ नहीं हो सका है कि आरोपियों का बम टाइमर डिवाइस लगाने का असली मकसद क्या था।

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दिल्ली पास कार से खुला राज

एसपी रीवा नवनीत भसीन ने बताया कि पहली घटना के बाद से ही पड़ताल तेज कर दी गई थी। लेकिन आरोपी चकमा देते रहे। इसी बीच रडार में कार क्रमांक डीएल 7 सीजी 1494 आई जिसका मूवमेंट घटना के समय यूपी व एमपी के बीच था। संदेह होने पर इसकी पड़ताल की गई तो आरोपी प्रयागराज जिले से हाथ लग गए। इसी कार ने उनका सारा राज खोल दिया।

संदिग्ध सामग्री बरामद

आरोपियों से पुलिस ने संदिग्ध सामग्री बरामद की है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, मदर बोर्ड, पेंट, टेप, एल्युमिनियम तार, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, लोहे की आरी, प्लास्टिक के पाइप व मोबाइल बरामद हुए हैं। साथ ही आरोपियों के पास कुछ संदिग्ध किताबें भी मिली हैं जिसकी अभी पुलिस तस्दीक कर रही है। बरामद सामानों से ही आरोपी बम बनाने का काम करते थे। यूपी एटीएस, प्रयागराज पुलिस, नैनी, मेजा, मानिकपुर सहित क्राइम ब्रांच, मऊ पुलिस शामिल है। यूपी पुलिस ने भी आरोपियों से घंटों पूछताछ की और अपने यहां हुई घटनाओं के संबंध में जानकारी ली।

सरगना ने भोपाल से मैकेनिकल इंजीनियर की पढ़ाई की थी

गिरोह का मास्टरमाइंड दिनेश दुबे है जिसने भोपाल से मैकेनिकल इंजीनियर की पढ़ाई की थी। वह चेन्नई में रहकर छात्रों को पढ़ाता था। पारिवारिक समस्याओं के चलते वापस घर लौट आया और उसकी नौकरी भी चली गई। तब से वह अपने घर में रहता था। उसने ही बम बनाने का तरीका खोजा था और इंस्ट्रूमेंट तैयार किए थे। पुलिस अभी उससे पूछताछ कर रही है। उसके गिरोह से जुड़ी अन्य जानकारियां भी सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।

ट्रेनों में भी बम टाइमर प्लांट किए थे

बम टाइमर प्लांट करने की घटनाओं को आरोपी 2015 से अंजाम दे रहे थे। उन्होंने दर्जनभर घटनाओं में हाथ होने की बात स्वीकार की है। 28 जनवरी 2016 को उन्होंने महानगरी एक्सप्रेस में मानिकपुर स्टेशन के समीप बम प्लांट किया था। इसी तरह 4 फरवरी व 16 मार्च 2016 को मेजा उत्तर प्रदेश, मार्च 2017 में संगम एक्सप्रेस हापुड़ स्टेशन मेरठ, 8 जनवरी 2022 नैनी उत्तर प्रदेश, 13 व 18 जनवरी को मेजा उत्तर प्रदेश, 16 जनवरी को सिरसा मिर्जापुर, 21 जनवरी को सोहागी थाना, 26 जनवरी को मनगवां व गंगेव, 29 को मऊगंज व 2 फरवरी को मेजा में बम डिवाइस रखा था।

यूपी सरकार से मांगी थी 8 करोड़ की फिरौती

जगह जगह बम टाइमर प्लांट करके आरोपियों ने यूपी सरकार से आठ करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। नैनी में जब उन्होंने 8 जनवरी को बम प्लांट किया था तो उसके साथ एक चिट्ठी चस्पा की थी। इसमें यूपी सरकार से 8 करोड रुपए की मांग की गई थी। दुबारा जब आरोपी बम प्लांट करते तो उसमें पहली चिट्ठी पर कुछ न करने पर गंभीर खामियाजा भुगतने की धमकी भी देते थे और जान माल का नुकसान करने की चेतावनी दे रहे थे। आरोपी दहशत फैलाकर सरकार को ही ब्लैकमेल करने का प्रयास कर रहे थे।

सीएम योगी का भी था जिक्र

26 जनवरी को इन लोगों ने बम टाइमर लगाया था, उसके साथ ही एक पत्र भी चस्पा किया गया था। जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी जिक्र किया था।

Published on:
04 Feb 2022 12:19 pm
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