रीवा

विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए शुरू हुई अनूठी पहल, कई जिलों के छात्र उठा रहे लाभ

छात्रों को वैज्ञानिक बनने का तरीका बता रहे प्रोफेसर...

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Feb 27, 2018
Unique initiative for students in the university

रीवा। इंजीनियरिंग और मेडिकल की तुलना में विज्ञान के प्रति छात्रों का रुझान कम हुआ है। यही वजह है कि शोध कार्य मध्यम पड़ गया है। भविष्य उत्कृष्ट शोध जारी रहे, इसके लिए छात्रों का विज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाना जरूरी है। उक्त विचार अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केएन सिंह यादव ने व्यक्त की।

विज्ञान के प्रति रूचि बढ़ाना जरूरी
विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी स्टडीज की ओर से आयोजित कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित कुलपति ने कहा कि कार्यशालाओं के जरिए छात्रों में विज्ञान के प्रति रुझान बढ़ाना संभव है। उन्होंने सेंटर की ओर से आयोजित कार्यशाला की सराहना की।

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पढऩे के लिए विदेश जाने मजबूर छात्र
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए पर्यावरण विभाग के विभागाध्यक्ष, पूर्व कुलपति व आयोजक प्रो. रहस्यमणि मिश्रा ने कहा कि धीरे-धीरे देश से मूल्यपरक शिक्षा लुप्त होती रही है। यही वजह है कि देश के छात्र पढ़ाई के लिए विदेशों की ओर रुख कर रहे हैं। जबकि पूर्व में तक्षशिला व नालंदा जैसे विश्वविद्यालय में पढऩे के लिए विदेशियों की लाइन लगी रहती थी। उन्होंने कहा कि पूर्व की मूल्यपरक शिक्षा को फिर से लागू करना होगा।

आयोजन की जमकर हुई सराहना
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित मनोविज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. एके श्रीवास्तव ने भी छात्रों में विज्ञान व शोध के प्रति रुचि जगाने के लिए विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला को एक अभिनव प्रयास बताया। इस मौके पर विश्वविद्यालय व विभाग के प्राध्यापकों के साथ विभिन्न जिलों से आए स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।

कार्यशाला में शामिल हुए कई जिलों के छात्र
विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला में रीवा, सतना, सीधी व सिंगरौली जिलों के विभिन्न महाविद्यालयों के स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर के छात्र-छात्राएं शामिल हुईं। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र के बाद छात्र-छात्राओं को विभाग के डॉ. अरविंद व डॉ. शेर सिंह सहित अन्य प्राध्यापकों द्वारा शोध प्रक्रिया व तकनीकी मशीनों के संचालन का तरीका बताया। इस दौरान छात्रों के उत्सुकता को भी प्राध्यापकों ने पूरा किया। कार्यशाला के दूसरे दिन भी छात्रों की ओर से विभागों का भ्रमण जारी रहेगा। इसके अलावा उनके बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।

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Published on:
27 Feb 2018 12:11 pm
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