23 जुलाई तक चलेगा आंदोलन...
रीवा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का सातवां वेतनमान लागू कराने को लेकर अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय सहित शासकीय व अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापकों का सोमवार से चरणबद्ध आंदोलन शुरू हो गया। अलग-अलग चार चरणों में आयोजित आंदोलन के तहत पहले चरण में प्राध्यापक दो से चार जुलाई तक विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
प्राध्यापकों ने बैठक कर लिया निर्णय
प्रथम चरण के पहले दिन सोमवार को विश्वविद्यालय से लेकर महाविद्यालय तक के प्राध्यापकों ने काली पट्टी बांध कर अध्यापन सहित अन्य कार्य किया। विश्वविद्यालय में प्राध्यापक संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रो. एपी मिश्रा के नेतृत्व में प्राध्यापकों ने बैठक कर निर्णय लिया कि आंदोलन तय रणनीति के तहत तब तक जारी रहेगा जब तक राज्य शासन सातवां वेतनमान लागू नहीं कर देता है।
विश्वविद्यालय कुलपति को सौंपा ज्ञापन
आंदोलन की शुरुआत करते हुए अध्यक्ष के नेतृत्व में प्राध्यापकों ने प्रभारी कुलपति प्रो. रहस्यमणि मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर प्रो. विजय अग्रवाल, प्रो. एनपी पाठक, प्रो. जेपी सिंह, प्रो. आरएन सिंह, प्रो. दिनेश कुशवाह, प्रो. मृणाल श्रीवास्तव, प्रो. शुभा तिवारी, प्रो. आरएन पटेल सहित अन्य प्राध्यापक उपस्थित रहे।
23 जुलाई तक चलेगा चरणबद्ध आंदोलन
संघ की ओर से तय रणनीति के तहत पांच से 11 जुलाई तक दूसरे चरण के आंदोलन में प्राध्यापक शाम को चार से पांच बजे तक कार्य बहिष्कार करेंगे। तीसरे चरण में 20 जुलाई तक शाम तीन से पांच बजे तक कार्य बहिष्कार होगा। चौथे चरण में २३ जुलाई को प्राध्यापक एक दिन के सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इसके बावजूद आदेश जारी नहीं हुआ तो प्राध्यापक आंदोलन की उग्र रणनीति अपनाएंगे।
टीचर्स एसोसिएशन का हुआ गठन
वहीं दूसरी ओर से विश्वविद्यालय के टीचर्स एसोसिएशन का सोमवार को पुनर्गठन किया गया। एसोसिएशन की सामान्य सभा की बैठक में निर्वाचन के लिए भौतिकी विभाग के प्रो. एपी मिश्रा को एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया। अंग्रेजी विभाग की प्रो. मृणाल श्रीवास्तव को उपाध्यक्ष व एमबीए विभाग के प्रो. अतुल पाण्डेय महा सचिव चुना गया। प्रो. एआर राजू संयुक्त सचिव व प्रो. नविता श्रीवास्तव कोषाध्यक्ष चुनी गई। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों ने बधाई दी है।