रीवा

परिवहनकर्ता के प्रतिनिधि सहित सोलह पर दर्ज होगा आपराधिक प्रकरण, दो ट्रक राजसात

कलेक्टर ने दो साल पहले हनुमना टोल प्लाजा पर खाद्यान्न की कालाबाजारी में पकड़े गए ट्रकों को किया राजसात
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Updated: 30 Jul 2018, 12:44 PM IST
Wheat scandal: Criminal cases registered on sixteen
Wheat scandal: Criminal cases registered on sixteen

रीवा. गरीबों का राशन बाजार में बेचने के लिए उपयोग किए गए ट्रकों को कलेक्टर ने राजसात कर दिया है। कलेक्टर ने मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से छोड़े गए परिवहनकर्ता के प्रतिनि सोनू खान सहित सोलह आरोपियों पर दोषी मानते हुए आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने का आदेश दिया है। हनुमना पुलिस को आदेश दिया गया है आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जानकारी न्यायालय भेजा जाए। कलेक्टर ने जांच प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई की है। इसकी सूचना से आरोपियों में हडकंप मच गया है।

जिले के 9 राशन दुकानों ने बेचने जा रहे गरीबों का गेहूं
जिले के अलग-अलग ९ राशन दुकानों का करीब 840 क्विंटल गेहूं दो अलग-अलग ट्रक से व्यापारी उत्तर प्रदेश में बेचने के लिए ले जा रहे थे। तत्कालीन कलेक्टर ने हनुमना टोल प्लाजा पर ट्रकों को पकड़ा लिया था। पकड़े गए लोगों पर एफआर दर्ज कराई। जिसमें पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को जेल भेजने के बाद शेष को जांच में निर्दोष बता दिया था।
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी के प्रतिवेदन पर हुई कार्रवाई
तत्कालीन कनिष्ठ अपूर्ति अधिकारी राजेश पटेल के जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर प्रीति मैथिल ने प्रकरण की सुनवाई के दौरान गूेहं बेचने के लिए उपयोग किए गए ट्रकों को राजसात की कार्रवाई के साथ जांच में नागरिक आपूर्ति निगम के कर्मचारियों सहित विक्रेताओं को दोषी माना है। कलेक्टर ने गरीबों के राशन की कालाबाजारी में शामिल ज्योत्सना गुप्ता, अखिलेश गुप्ता, संजीव मिश्र, केबी सिंह बघेल सहित डाटा इंट्री आपरेटर अरविंद सिंह, एलपी गौतम पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने का आदेश दिया है।

इन पर भी प्रकरण दर्ज करने का आदेश
आदेश के अनुसार 840 क्विंटल गेहूं की कालाबाजारी में खजुहा दुकान के विक्रेता सहित देवहटा, हिनौती, इटहा, जोड़ौरी, पुरवा, छिउला, कन्दैला सहित परिवहनकर्ता के प्रतिनिध सोनू खान पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने का आदेश दिया है।

सोलह ट्रक धान गायब होने की जांच पूरी
जिले के अमिलिया धान खरीदी केंद्र से सोलह ट्रक धान गायब होने के मामले की जांच करीब-करीब पूरी हो गई है। जांच प्रतिवेदन जिला प्रशासन के पास पहुंच गया है। जांच अधिकारी सूत्रों के अनुसार मामले में समिति प्रबंधक सहित परिवहनकर्ता और वेयर हाउस के कर्मचारी को दोषी पाया गया है। जांच अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया दोषियों पर एफआइआर दर्ज कराने की सिफारिस की है। नान कार्यालय के कुछ कर्मचारी आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

नान कार्यालय में परिवहन का चल रहा खेल
नान कार्यालय में चावल के परिवहन में अभी भी खेल चल रहा है। बताया गया कि चोरहटा की चावल का उठाव न करके बल्कि मनगवां और मऊगंज क्षेत्र के चावल का परिवहन कराया जा रहा है। नान कार्यालय के आधिकाकरिक सूत्रों के अनुसार जिले से बाहर जाने वाले चावल को चोरहटा गोदाम से न उठाव कराए जाने के बजाए, मनगवां गोदाम से उठाव कराया जा रहा है।

Updated on:
30 Jul 2018, 12:44 PM IST
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