
Rewa news:एमपी में एक बार फिर से सांप के काटने से महिला की मौत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि घर में दोपहर के समय एक महिला की जहरीले सांप के काटने से मौत हो गई। महिला खाना बनाने के बाद परोसने के लिए गई थी। इसी दौरान घर के अंदर छिपे सांप ने उसके बाएं हाथ के पंजे के ऊपर काट लिया। परिजन उसे तत्काल उपचार के लिए सिविल अस्पताल मऊगंज लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के मुताबिक मऊगंज जिले के हनुमना थाना क्षेत्र के पटेहरा गांव में कौशल्या यादव (55) पति कौशल यादव घर से कुछ दूरी पर खेत में बने मकान में रहकर खेती-किसानी का काम करते थे। बीते दिन करीब दोपहर 12 बजे कौशल यादव ने अपने भतीजे लालजी यादव को फोन कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कौशल्या खाना परोसने के बाद मट्ठा लेने के लिए घर के अंदर गई थीं। इसी दौरान किसी जहरीले सांप ने उसके बाएं हाथ के पंजे पर काट लिया। सूचना मिलते ही परिवार के लोग खेत पर बने मकान पहुंचे। वहां कौशल्या बेहोशी की हालत में मिलीं। परिजन उन्हें मोटरसाइकिल से तत्काल सिविल अस्पताल मऊगंज लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना पर लालजी यादव अपने चाचा कौशल यादव के साथ मऊगंज थाने पहुंचे और पुलिस को मौखिक रिपोर्ट दी। परिजनों ने महिला की मौत जहरीले सांप के काटने से होने की बात कही है। उन्होंने किसी प्रकार का शक या संदेह नहीं जताया है। पुलिस ने सूचना पर मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है। महिला का शव पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल की मर्चुरी में रखा गया है। पुलिस अब घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
बीते दिनों राजगढ़ जिले के ब्यावरा तहसील के गांगाहोनी गांव में रात के समय सांप के काटने से 40 वर्षीय निजी स्कूल संचालक की मौत हो गई। समय पर उपचार नहीं मिलने और झाड़फूंक में समय गंवाने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। जहरीला सांप स्कूल संचालक के घर के किचन में काल बनकर बैठा था और रात 12 बजे जब दूध का बर्तन रखने के लिए स्कूल संचालक किचिन में पहुंचे तो सांप ने उन्हें काट लिया।
मझौली निवासी 40 वर्षीय युवक सुबह बिस्तर से उठ नहीं पा रहा था। उसके हाथ-पैर काम नहीं कर रहे थे, जिससे परिजनों ने लकवा होने की आशंका जताई। राइट टाउन स्थित निजी अस्पताल में जांच में पता कि उसे सांप ने डसा है। एंटी-स्नेक वेनम और अन्य उपचार शुरू होने के बाद चार दिन में मरीज स्वस्थ होकर घर लौट गया। वहीं दूसरी ओर चरगवां निवासी 52 वर्षीय व्यक्ति को गम्भीर अवस्था में मेडिकल अस्पताल लाया गया। उसकी केवल पलकें झपक रही थीं। मेडिसिन विभाग में प्राथमिक उपचार के बाद उसे न्यूरोलॉजी विभाग में भर्ती किया गया। जांच में सर्पदंश का मामला सामने आया। उपचार शुरू होने के तीन दिन बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।