
Snake bite in mp:एमपी के रीवा शहर में बीती रात एक परिवार के लिए मनहूस हो गई। घर पर सो रही महिला को सांप ने काट लिया। गंभीर रूप से घायल महिला को जब परिवार वाले अस्पताल लेकर गए तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने महिला का ECG करने के बाद उन्हें मदत घोषित कर दिया। महिला के बेटे ने बताया कि उन्होंने रात को सांप को दूसरे कमरे में जाते भी देखा था। सांप कोबरा प्रजाति का बताया जा रहा है। घटना के बाद सांप घर में छिप कर बैठ गया था जिसको पकड़ने के लिए वन विभाग के कर्मचारियों को बुलाया गया है।
जानकारी के मुताबिक विवि थाने के सुंदर नगर निवासी गीता देवी पति रामाधार रात में घर पर में सो रही थी। रात करीब 2:20 बजे बिस्तर में चढ़कर एक जहरीले सांप ने उनको जांघ में काट लिया। महिला की चीख पुकार सुनकर दूसरे कमरे में सो रहे हैं परिजनों की नींद खुल गई। उनके बेटे ने बताया कि जब कमरे में पहुंचे एक जहरीले सांप को देखकर उनके होश उड़ गए। सांप कमरे के अंदर छुप कर बैठा हुआ था। परिजन तत्काल महिला को उपचार के लिए संजय गांधी अस्पताल लेकर आए जहां उनकी मौत हो गई।
वही इस घटना के बाद कमरे के अंदर छिपे सांप को बाहर निकालने के लिए परिजनों को वन विभाग की मदद लेनी पड़ी। सूचना मिलने पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे जिन्होंने करीब घंटे भर की मशक्कत के बाद जहरीले सांप को पकड़ कर बाहर निकाला है। सांप कोबरा प्रजाति का बताया जा रहा है जिसे पड़कर वन विभाग के कर्मचारी अपने साथ ले गए हैं।
केस-1: जानकारी के लिए बता दें कि मानसून का मौसम आते ही मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों से लगातार सांप के काटने की खबरें आ रही है। बीते दिनों पहले ही राजगढ़ जिले के समीपस्थ गांव मांडाखेड़ा में घर के आंगन में खेल रहे एक पांच साल के मासूम को सांप ने काट लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजन उसे बजाए अस्पताल ले जाने के तीन घंटे तक झाड़फूंक करते रहे। जब तक उसे अस्पताल ले जाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
केस-2: दूसरे मामले में राजगढ़ जिले के ब्यावरा तहसील के गांगाहोनी गांव में रात के समय सांप के काटने से 40 वर्षीय निजी स्कूल संचालक की मौत हो गई। समय पर उपचार नहीं मिलने और झाड़फूंक में समय गंवाने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। जहरीला सांप स्कूल संचालक के घर के किचन में काल बनकर बैठा था और रात 12 बजे जब दूध का बर्तन रखने के लिए स्कूल संचालक किचिन में पहुंचे तो सांप ने उन्हें काट लिया।
केस-3: तीसरे मामले में गुना में खेत पर मजदूरी कर रहे एक युवक की जहरीले सांप के काटने से मौत हो गई। इलाज के लिए गुना जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। मृतक की पहचान राजू आदिवासी निवासी गोकलसिंह का चक्क, मोतीपुरा प्लांट के रूप में हुई है। भाई भानू आदिवासी ने बताया कि राजू ढीमरपुरा क्षेत्र में हरवाई और खेतिहर मजदूरी करता था। शाम करीब 4 बजे वह कालूराम के खेत पर चारा काट रहा था। तभी जहरीले सांप ने उसे डस लिया। घटना के बाद खेत मालिक और आसपास के लोग उसे तत्काल गुना जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों को रात करीब 8 बजे घटना की सूचना मिली। तब तक डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया था, लेकिन जहर फैलने से रात में ही राजू ने दम तोड़ दिया।
-मरीज को शांत रखें और घबराने न दें।
-काटे गए अंग को कम से कम हिलाएं।
-तुरंत अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचें।
-घाव को काटने, चूसने या उस पर कोई रसायन लगाने से बचें।
-रस्सी या कपड़े से अंग को कसकर न बांधें।
सर्पदंश के मामलों में झाड़फूंक का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। मरीज को जितनी जल्दी चिकित्सकीय उपचार मिलेगा, उसके बचने की संभावना उतनी अधिक होगी। एंटी स्नेक वेनम ही विषैले सांप के काटने का प्रभावी उपचार है। इसलिए सर्पदंश की स्थिति में अंधविश्वास से दूर रहें और तत्काल चिकित्सा सहायता लें। यही सतर्कता जीवन बचा सकती है। -डॉ. आनंद दांगी, शिशु रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल, राजगढ़