एजेंटो ने आवेदन स्वीकार नहीं किया
रीवा। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में बुधवार को काम बंद रहा। कर्मचारियों ने पहले एजेंटों से आवेदन नहीं लिया। इसके बाद आवदेन लेकर जब लोग पहुंचे तो कर्मचारियों ने यह कहते हुए लौटा दिया की काम बंद है। कर्मचारियों ने कहा काम नहीं आया। पूरे दिन परिवहन कार्यालय में काम नहीं आने की कर्मचारियों की दलील पर सवाल खड़े हो रहे। कर्मचारियों की हठधर्मिता से परिवहन कार्यालय में विभाग को लाखों की राजस्व क्षति उठानी पड़ी।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय में मंगलवार को आरटीओ ने एक एजेंट को पुलिस थाने में बंद करा दिया था। इसके बाद हंगामे की स्थिति निर्मित हो गई थी। बताया जा रहा है इस घटना के बाद दूसरे दिन आरटीओ ने परिवहन विभाग में पदस्थ कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वह परिवहन कार्यालय में किसी एजेंट से आवेदन स्वीक ार नहीं करेगें। परिणाम स्वरुप कर्मचारियों ने पूरे दिन एजेंटों से कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया। इससे काम बंद रहा, और लोग वापस लौट गए। इससे शासन के खजाने को क्षति पहुंची है।
एजेंट बोले मोटर व्हीकल एक्ट में है अधिकार-
आरटीओ के इस रवैया के बाद शाम को विध्य सलाहाकार समिति के अध्यक्ष रवि मिश्रा एवं सूर्यनारायण सिंह ने बताया कि मोटर व्हीकल एक्ट में प्रावधान है कि वाहन स्वामी अधिकार पत्र देकर टैक्स व परमिट का आवेदन देने परिवहन कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है। इसके लिए मोटर व्हीकल एक्ट के निय ३९३ सीएन बरार में प्रावधान भी है। इतना ही नहीं हाईकोर्ट ने परिवहन कार्यालय में एजेंटो को मूलभूत आवश्यकता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिया है।
सरकारी कर्मचारियों ने भाड़े में रखे निजी कर्मचारी
एजेंट संघ के अध्यक्ष रवि मिश्रा के अनुसार कार्यालय में सरकारी कर्मचारियों ने पैसा वसूली के लिए निजी कर्मचारी रखे हुए हैं। यह कर्मचारी अपने नोटशीट से लेकर पूरी उगाही करते है। इनमें पंजीयन शाखा में कृष्ण कुमार गौतम, स्थानांतरण शाखा में महेन्द्र तिवारी, कर शाखा में अनिल मिश्रा उर्फ हीरा, लायसेंस शाखा में राजू पांडेय, फूलचंद सोंधिया, फिटनेश शाखा में राजू तिवारी , रामप्रकाश गुप्ता, मासिक कर शाखा में अमिताभ खान, लेखा शाखा में जीतेन्द्र मिश्रा , परमिट शाखा में दीवेश शर्मा, प्रदीप शर्मा एवं आरटीओ ने बृजेश पांडेय को नियुक्त कर रखा है। यह पिछले २६ सालों से निजी कर्मचारी की तरह काम करते हैं।
लोगों की जवानी
कलेक्ट्रेट कार्यालय में कर्मचारी हूं, वहां से कुछ समय की छुट्टी लेकर वाहन की एनओसी लेने आया था, आवेदन जमा करने गया तो मैडम ने वापस लौटा दिया कि काम बंद है जबकि शासकीय छुट्टी नहीं है।
अरविंद सेन कर्मचारी
ड्राइविंग लायसेंस के लिए फोटो खिचवाने आया था, लेकिन कर्मचारियों ने यह कहकर वापस कर लौटा दिया कि काम बंद है। जबकि ऑल लाइन आवेदन से मुझे आज फोटो खिचवाने के लिए समय दिया गया था।
दीपक मिश्रा, शहरवासी
एजेंट को नहीं है अधिकार
आरटीओ मनीष त्रिपाठी घटना के बाद कर्मचारियों ने सुरक्षा की मांग रखी है। सुरक्षा के अभाव में काम करने से इंकार किया। इससे कार्यालय में काम बंद रहा। इस संबंध में कलेक्टर व एसपी एवं टीसी को जानकारी दी है। एजेंट किसी भी तहर कार्यालय में काम करने के लिए अधिकृत नहीं है।