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रीवा। वन भूमि में चल रहे अवैधानिक रूप से उत्खनन और परिवहन पर विभाग ने संज्ञान लिया है और व्यापक पैमाने पर इसकी जांच शुरू की गई है। सीसीएफ द्वारा गठित किया गया संभागीय उडऩदस्ता दल सिरमौर भेजा गया है, जिसने पहले दिन बड़े हिस्से में जांच की है। करीब दर्जन भर से अधिक की संख्या में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के फील्ड में उतरते ही खनन माफिया में हड़कंप मच गया है।
एसडीओ ओजी गोस्वामी की अगुआई में जांच करने टीम ने वन भूमि में हो रहे अवैध खनन और उसके परिवहन को देखा है। बताया गया है कि यह उडऩदस्ता दल समग्र रिपोर्ट तैयार कर सीसीएफ को सौंपेगा। इसके अलावा डीएफओ ने भी एक टीम लगा रखी है, जो मौके का निरीक्षण कर इस बात की निगरानी कर रही है कि कितनी मात्रा में यहां से उत्खनन और परिवहन हो चुका है।
इसके पहले डीएफओ स्वयं मौके का निरीक्षण करने पहुंचे थे, उन्होंने व्यापक पैमाने पर उत्खनन और परिवहन देखा है। इसी के बाद से जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जांच टीम को तीन हिस्सों में भेजा गया था, जिसमें चचाई बीट, पडऱी और मरैला बीट में टीमें भेजी गई थी। मऊगंज एसडीओ, हनुमना, डभौरा रेंजर के साथ ही अन्य कई रेंजरों को इसमें लगाया गया है। 'पत्रिकाÓ में लगातार वन भूमि पर अवैध खनन की खबरें प्रकाशित होने के बाद विभाग ने संज्ञान लिया है और इसमें बड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। खनन माफिया ने जंगल में जाने के लिए रास्ता बना रखा था, जिसे वन अमले ने खोद दिया है। हालांकि इसकी वजह से जांच टीम का वाहन भी आगे नहीं जा पाया है।
सप्ताह भर में मांगी रिपोर्ट
संभागीय उडऩदस्ता दल भेजकर सीसीएफ ने सप्ताह भर के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि हर बिन्दु पर विस्तार से जांच की जाए ताकि यह पता हो सके कि कितनी मात्रा में अब तक उत्खनन हो चुका है।
रात्रि गश्त भी कर रही टीम
पहली बार वन विभाग के कर्मियों ने रात्रि में जंगल में गश्त की और अवैध खनन पर निगरानी शुरू की है। जांच शुरू होने की जानकारी खनन माफिया को पहले ही हो चुकी थी, जिसके चलते गश्ती के दौरान कहीं पर भी वाहन नहीं मिले हैं। पूर्व से खनन के पत्थरों का ढेर कई स्थानों पर मिला है। पूरी रात्रि वन विभाग के कर्मचारियों ने निगरानी रखी और सुबह खाली हाथ पहुंचे। अधिकारियों को इस गश्ती के बारे में बताया गया है। जिस पर कहा गया है कि जांच पूरी होने तक यह गश्त नियमित रूप से जारी रहेगी।
मुखबिरी करने वालों पर होगी कार्रवाई
कई वर्षों से खुलेआम टोंस हाइडल प्रोजेक्ट क्षेत्र की वन भूमि में अवैध उत्खनन और परिवहन हो रहा था। उस क्षेत्र में तैनात वन विभाग का अमला अब तक जानकारी नहीं देता था। जिसके चलते डीएफओ ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि विभाग से जुड़ा कोई भी व्यक्ति यदि खनन माफिया के संपर्क में पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी। बताया जा रहा है कि क्षेत्र के बीट गार्डों और वन समितियों में तैनात किए गए वालेंटियर भी इस मिलीभगत में शामिल रहे हैं। डीएफओ ने कार्रवाई का निर्देश दिया है।
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सिरमौर क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन की जानकारी मिली है, जिसके चलते संभागीय उडऩदस्ता दल भेजा गया है। डीएफओ ने भी मौके का निरीक्षण किया है। बारीकी से इसकी जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
अतुल खेरा, सीसीएफ
Published on:
18 Oct 2018 12:38 pm
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