
Sagar Mother Daughter Murder Case: मध्यप्रदेश के सागर जिले के बीना के गोदना गांव में मां-बेटी को पेट्रोल डालकर आग लगाने के सनसनीखेज मामले में इलाज के दौरान मां-बेटी की मौत हो गई है। इधर पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी महिला के मुताबिक पति से अवैध संबंधों के चलते उसने मां-बेटी पर पेट्रोल डालकर आग लगाई थी। पुलिस ने आरोपी महिला को कोर्ट में पेश किया था जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
2 नवंबर की शाम करीब 7.30 बजे गोदना गांव में रहने वाली गिरजा और उसकी 13 वर्षीय बेटी आयुषी घर पर थीं, तभी पड़ोस में रहने वाली रिश्ते की देवरानी काजल गोस्वामी (28) उनके घर पहुंची और मां-बेटी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। मां-बेटी की चीख-पुकार सुनकर लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग बुझाकर दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया। गिरजाबाई करीब 100 प्रतिशत और आयुषी 70 प्रतिशत तक झुलस गई थी। दोनों घायलों को बीना से सागर रेफर किया गया था। इसके बाद आयुषी को भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गुरुवार को इलाज के दौरान पहले मां व फिर देर रात बेटी की भी मौत हो गई।
अस्पताल में इलाजरत मां-बेटी के घायल हालत में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के सामने मरणासन्न बयान कराए गए थे, जिनमें उन्होंने काजल पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप लगाया था। पुलिस को गांव के सीसीटीवी कैमरों में भी आरोपी महिला काजल की मौजूदगी के फुटेज मिले थे, जिसके बाद पुलिस ने काजल को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने वारदात को अंजाम देना कबूल किया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी काजल ने बताया कि उसे अपने पति आकाश और गिरजाबाई के बीच प्रेम संबंधों को लेकर नाराजगी थी। इसी रंजिश के चलते उसने वारदात से एक दिन पहले अपनी स्कूटी से पेट्रोल निकालकर रख लिया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला ने सीसीटीवी कैमरे से बचने के लिए घर के पीछे के रास्ते का इस्तेमाल किया और स्टील के डिब्बे में पेट्रोल लेकर गिरजाबाई के घर पहुंची थी। कमरे में मां-बेटी को देखकर उसने उनपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी और मौके से भाग गई। वह महिला गिरजाबाई का चेहरा जलाना चाहती थी।
तीन महीने पहले भी की मारने की कोशिश
आरोपी महिला काजल ने पुलिस को बताया कि वो पहले भी गिरजाबाई को अगस्त में जलाकर मारने का प्रयास कर चुकी थी, जिसमें वह सफल नहीं हुई थी। आरोपी महिला ने बचने के लिए साक्ष्य छिपाने की कोशिश भी की, वो घटना को अंजाम देने के बाद पहले अपने घर गई और कपड़े बदले। इसके बाद वह उन कपड़ों स्कूटी से लेकर बाईपास रोड पहुंची और उन्हें झाड़ियों में फेंककर सीधे अस्पताल पहुंची, ताकि लोगों को उस पर शक न हो।