सागर

Bina news: 9 साल पहले लापता हो गई थी बेटी, 542 किमी. दूर से आई खुशखबरी, गले लग खूब रोई मां बेटी

Daughter found: करीब नौ साल पहले भानगढ़ से लापता हुई नाबालिग को जयपुर में सुरक्षित बरामद कर लिया गया। भानगढ़ पुलिस की टीम 24 अगस्त को उसे ढूंढकर परिवार के पास वापस लाए।
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Aug 26, 2026
9 साल बाद मिली बेटी, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)
9 साल बाद मिली बेटी, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)

Bina news: करीब नौ साल पहले मां के साथ इलाज कराने भानगढ़ आई एक नाबालिग बेटी अचानक लापता हो गई थी, स्कूल के पास उसकी साइकिल मिली, लेकिन बेटी का कहीं पता नहीं था। परिजनों ने थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई राई और उसके अपहरण की आशंका जताई थी। उस दिन से परिवार की आंखें बेटी की राह देखते-देखते थक गई। हर बीतते साल के साथ उसके लौटने की उम्मीद कमजोर होती गई, लेकिन भानगढ़ पुलिस ने इस मामले को भुलाया नहीं। आखिरकार 24 अगस्त को जयपुर, राजस्थान में बेटी के सुरक्षित मिलने की खबर ने वर्षों से इंतजार कर रहे परिजनों की आंखों से आंसू छलका दिए।

थाना प्रभारी धर्मेन्द्र यादव ने बताया कि थानांतर्गत आने वाले एक गांव की नाबालिग, मां के साथ इलाज के लिए भानगढ़ आई थी। बेटी ने अपनी मां को वापस गांव भेज दिया और अपनी साइकिल स्कूल के पास रखकर बिना बताए चली गई थी। परिजन की रिपोर्ट पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला-फुसलाकर भगाकर ले जाने की आशंका में अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पूछताछ में सामने आई जानकारी

जांच के दौरान पुलिस को बन्ने खां निवासी उदयपुर विदिशा द्वारा नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने की जानकारी मिली। इसके बाद भी पुलिस ने तलाश बंद नहीं की। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार निगरानी के आधार पर पुलिस को नाबालिग के जयपुर में होने की जानकारी मिली। भानगढ़ पुलिस की विशेष टीम तत्काल जयपुर रवाना हुई और स्थानीय स्तर पर लगातार तलाश के बाद 24 अगस्त को बालिका को सुरक्षित तलाश करके भानगढ़ लेकर आई। तलाश करने में थाना प्रभारी सहित एएसआई नाथूराम दोहरे, प्रधान आरक्षक सौरभ रैकवार, आरक्षक दीपक यादव, योगेश, हेमेंद्र, जगदीश एवं महिला आरक्षक पूनम की अहम भूमिका रही।

बस से राजस्थान पहुंची, फिर काम करने लगी

पूछताछ में उसने बताया कि बन्ने खां उसे अपने साथ ले गया था। बाद में उसके काम के लिए बाहर जाने पर वह बस में बैठकर राजस्थान चली गई और वहीं काम करने लगी। उसने बताया कि वह माता-पिता को बिना बताए घर से गई थी, इसलिए उसे डर था कि परिजन उससे नाराज होंगे और इसी कारण वह वापस घर नहीं आई। करीब तीन साल पहले वह एक कोचिंग में काम करने वाले युवक के संपर्क में आई। बालिग होने के बाद दोनों ने शादी कर ली। पुलिस ने परिजनों से लगातार संपर्क बनाए रखा और समय-समय पर उन्हें जानकारी दी। करीब नौ साल तक जारी रहे प्रयासों के बाद बेटी के जयपुर में सुरक्षित मिलने से परिवार को वह खुशी मिली, जिसका इंतजार उन्होंने वर्षों तक किया था।

Updated on:
26 Aug 2026 02:01 pm
Published on:
26 Aug 2026 02:01 pm