सागर

आगासौद में डेंगू ब्लास्ट; दर्जनभर लोगों की प्लेटलेट्स घटी तो अस्पताल ले गए, एनएस-1 किट से जांच में निकले पॉजिटिव

आगासौद में एक दर्जन मरीज आए सामने, ग्रामीण दहशत में, रिफाइनरी अस्पताल में चल रहा इलाज
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Oct 26, 2025
Dengue blast in Aagasaud; a dozen people were taken to the hospital after their platelets dropped, but tested positive with an NS-1 kit
रिफानइरी अस्पताल में भर्ती मरीज

बीना. आगासौद गांव में अलग-अलग स्थानों से प्लेटलेट्स घटने और डेंगू संभावित एक दर्जन मरीज कुछ दिनों में सामने आए हैं, जिनका इलाज रिफाइनरी अस्पताल में चल रहा है। मरीजों की संख्या ज्यादा होने से गांव के लोग दहशत में हैं। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लार्वा सर्वे कर दवाओं का छिडक़ाव भी कराया है।
जानकारी के अनुसार आगासौद गांव में पांच दिनों में एक दर्जन लोग सिर दर्द, तेज ठंड के साथ बुखार आने के लक्षणों के बाद रिफाइनरी अस्पताल इलाज कराने पहुंचे थे। यहां जांच के बाद प्लेटलेट्स कम और एनएस 1 किट में डेंगू रिएक्टिव (डेंगू पॉजीटिव) निकला है। शनिवार को अस्पताल में गांव के योगेन्द्र चौरिसया, वर्षा ठाकुर, मीना ठाकुर, सावित्री नामदेव भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। योगेन्द्र की प्लेटलेट्स 21000 निकली हैं और किट जांच में रिपोर्ट पॉजीटिव हैं। इसके पहले सुमित घोसी, अनिकेत घोसी, संजय चढ़ार, अभि कुशवाहा, हरनाम घोसी सहित अन्य की इलाज के बाद छुट्टी हो चुकी है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची गांव
रिफाइनरी अस्पताल से रिपोर्ट आने के बाद शनिवार को गांव में स्वास्थ्य विभा और मलेरिया विभाग सागर की टीम ने लार्वा सर्वे कर दवा का छिडक़ाव किया है। साथ ही स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया है। पहले स्वास्थ्य विभाग द्वारा यहां ध्यान नहीं दिया गया, जबकि आगासौद गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र संचालित हो रहा है।

डेंगू के संभावित मरीजों का चल रहा है इलाज
रिफाइनरी अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. प्रदीप मिश्रा ने बताया कि कुछ दिनों से आगासौद गांव से मरीज आए हैं और किट में डेंगू के लक्षण निकले हैं, लेकिन एलाइजा टेस्ट के बाद ही इसकी पुष्टि होगी। जो भी मरीज आ रहे हैं उनका इलाज चल रहा है और वह स्वस्थ्य हैं।

वायरल बुखार में भी हो जाते हैं प्लेटलेट्स कम
एनएस 1 किट में यदि डेंगू के लक्षण आते हैं, तो संभावित माना जाता है, इसकी पुष्टी के लिए एलाइजा टेस्ट होता है, जो बीएमसी की लैब में किया जाता है। मलेरिया व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में दवाओं का छिडक़ाव किया है। साथ ही मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी। जिन मरीजों को डेंगू के लक्षण थे वह स्वस्थ्य हैं। कुछ घरों में लार्वा मिलने पर उसे नष्ट कराया गया है।
डॉ. संजीव अग्रवाल, बीएमओ

Updated on:
26 Oct 2025 11:51 am
Published on:
26 Oct 2025 11:51 am