धूमधाम से मना कृष्ण जन्मोत्सव, नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल के भजनों से गूंज उठा सागर का गिरिराज
बालाजी मंदिर प्रांगण में रविवार को कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कृष्ण जन्म के प्रसंग शुरू होते ही पंडाल में मौजूद श्रद्धालु नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की भजनों के साथ झूम उठे। कृष्ण जन्म की खुशी में कथा स्थल को विशेष रूप से सजाया गया था। नन्हें बालक को कृष्ण के रूप में सजाकर पंडाल में लाया गया। इस दौरान भक्तों ने बाल कृष्ण को दुलार किया। कथा वाचक पं. इन्द्रेश महाराज ने गोद में बिठाकर बाल स्वरूप कृष्ण के उपस्थित श्रद्धालुओं को कराए। मुख्य यजमान अनुश्री जैन एवं विधायक शैलेंद्र जैन ने बाल स्वरूप में श्रीकृष्ण का पलना झुलाया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं को माखन मिश्री की प्रसादी वितरित की गई।
कथा में इंद्रेश महाराज ने कहा कि देवता अगर आकाशवाणी नहीं करते तो ठाकुर जी सहजता से जन्म ले लेते, लेकिन ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि राक्षस कंस अपनी बहन के विवाह में विदाई के समय रथ हांक रहा था। तब देवताओं ने उसका क्रूर रूप प्रकट करने ऐसा किया, लेकिन जब ठाकुर जी देवकी के गर्भ में आए। मथुरा की क्रूरता सौम्यता में बदलने लगी, वहां का रंग बदलने लगा था। उन्होंने कहा कि जुआ, शराब, पराई स्त्री, हिंसा और चोरी में कलयुग का वास है, इनसे दूर रहें। भागवत कथा के दौरान व्यास मंच पर विराजमान होकर केरवना महाराज, प्रसाद ऋषिकेश गोस्वामी महाराज (राजघाट वाले), पं. नरहरिदास महाराज एवं जनादन दास महाराज ने कथा का श्रवण किया।
कथा व्यास इंद्रेश महाराज ने मनमोहक भजनों के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव विभोर किया। श्रद्धालुओं ने भी मधुर भजनों पर जमकर भक्ति की। आयोजन समिति मीडिया प्रमुख श्रीकांत जैन ने बताया कि राज्य मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया विधायक, शैलेंद्र बरूआ, डॉ. जीएस चौबे, प्रवीण गुप्त, रामकेश, अनिल अवस्थी एवं धीरेंद्र मिश्रा ने चतुर्थ दिवस श्रीमद् भागवत कथा में उपस्थित होकर कथा का श्रवण किया।