सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या पर रविवार को पितृ पक्ष का समापन हो गया। तर्पण करने के लिए जलाशयों में भीड़ उमड़ी। चकराघाट पर पितर पक्ष के अंतिम दिन बड़ी संख्या में लोग तर्पण के लिए पहुंचे। घाट पर जगह कम होने से नाव में बैठकर भी तर्पण विधि-विधान से किया है।
सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या पर रविवार को पितृ पक्ष का समापन हो गया। तर्पण करने के लिए जलाशयों में भीड़ उमड़ी। चकराघाट पर पितर पक्ष के अंतिम दिन बड़ी संख्या में लोग तर्पण के लिए पहुंचे। घाट पर जगह कम होने से नाव में बैठकर भी तर्पण विधि-विधान से किया है। बड़ी संख्या में लोगों ने यहां विधि विधान से तर्पण किया। इसके साथ ही बालाजी मंदिर में प्रेतराज सरकार को चावल, खिचड़ी व खीर का भोग लगाया गया। शाम को मंदिरों में दीपदान का कार्यक्रम हुआ। पितरों की प्रसन्नता के लिए सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या पर श्राद्ध और दान-पुण्य किया जाता है।
पितृ मोक्ष अमावस्या पर दादा दरबार मंदिर परिसर में 3001 दीप प्रज्ज्वलन किए गए। दरबार के सेवक पं नितिन कोरपाल ने बताया कि लगातार पांचवें साल यह आयोजन सामूहिक रूप से किया गया। बड़ी संख्या में लोग दीप प्रज्ज्वलित करने पहुंचे। पितरों के निमित्त से दीपदान हुआ। भक्तों के लिए दीपकों की व्यवस्था की गई।
पं. केशव महाराज के सानिध्य में मां नर्मदा के दक्षिण तट स्थित खामघाट में सफाई अभियान चलाया गया। प्लास्टिक मुक्त घाट का संदेश दिया गया। राम दरबार मंदिर मकरोनिया से बस व निजी वाहनों से भक्त घाटों पर पहुंचे।पौधरोपण भी किया गया। इसके बाद भक्तों ने अपने पितरों के निमित्त तर्पण किया। इस अवसर पर पंडित राजा रिछारिया, इंजीनियर महेंद्र गोस्वामी, एडवोकेट योगेंद्र स्वामी, एडवोकेट रामदास राठौर उपस्थित रहे।