
बीना. कृषि उपज मंडी में अव्यवस्थाओं और जगह की कमी के कारण किसान व व्यापारी परेशान हैं। इसके बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। न मंडी परिसर का विस्तार हो पा रहा है और न ही मंडी दूसरी जगह शिफ्ट हो पा रही है।
मंडी नौ एकड़ में बनी हुई, जिसमें कार्यालय, व्यापारियों के शेड व गोदाम, किसानों के लिए शेड बने हुए हैं। मंडी में आवक के अनुसार यह जगह पर्याप्त नहीं है, जिससे व्यापारियों को उपज रखने पर्याप्त जगह नहीं है और किसान डाक नीलामी के दौरान परेशान होते हैं। मंडी में पानी निकासी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और बारिश में व्यापारियों की उपज भीग जाती है। पिछले दिनों बारिश से कुछ व्यापारियों की अनाज की बोरियों के नीचे पानी भर गया था, जिससे वह खराब हो गया। साथ ही शेड ऊंचे होने से किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली वहां नहीं पहुंच पाते हैं। जगह के अभाव में कई व्यापारी किसानों के शेड में भी उपज रख लेते हैं, जो नियमानुसार न होने पर नोटिस जारी किए जाते हैं और जुर्माना भी वसूला जाता है। क्योंकि शेड खाली न होने से किसान अपनी उपज नहीं रख पाते हैं। इन समस्याओं को हल करने के लिए अधिकारी कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं।
खेत में होते हैं ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़े
रबी सीजन में मंडी में आवक ज्यादा होने पर किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली खेत में खड़े करने पड़ते हैं। बारिश होने पर ट्रैक्टर-ट्रॉली फंसने पर किसानों को मशक्कत करनी पड़़ती है। पिछले दिनों हुई बारिश में भी किसान परेशान हुए थे। हर वर्ष मंडी प्रबंधन को खेत किराए पर लेना पड़ता है और हजारों रुपए बर्बाद हो जाते हैं। यदि इस समस्या का समाधान हो जाए तो हर वर्ष खर्च होने वाले रुपए बच जाएंगे और किसान, व्यापारियों को परेशान नहीं होगी।
मंडी शिफ्ट करने नहीं मिल रही जगह
मंडी को शहर से बाहर शिफ्ट करने के लिए प्रशासन को जगह नहीं मिल पा रही है और जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव को मंडी बोर्ड रद्द कर चुका है, जिससे मामला अटका हुआ है। इसपर कोई निर्णय नहीं हो पा रहा है। यदि मंडी के बाजू की जमीन का अधिग्रहण हो जाता, तो समस्या हल हो सकती थी।