
Sagar Tragedy : एमपी के सागर जिले के बंडा इलाके में मिलावटी शराब से मौतों का आंकड़ा 26 तक पहुंच चुका है। मृतकों में पिता-पुत्र, दो सगे भाई, मामा- भांजा और एक बुआ-भतीजा शामिल हैं। बंडा क्षेत्र के 11 गांव के लोग प्रभावित हैं। अभी भी करीब 100 प्रभावित विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। प्रशासन की कई टीमें मामले की जांच में जुटी हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को प्रभावित गांवों का दौरा किया, प्रभावितों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने मिलावटी शराब से हुई मौतों का सरकारी हत्या बताया। जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि यहां के विधायक की भी शराब की फैक्ट्री है। बीजेपी के नेता, मंत्री सभी इस कारोबार में लिप्त हैं।
शराब कांड के एक मृतक राजेंद्र के चाचा अनूप सिंह ने पुलिस के समक्ष दिए बयान में बताया कि सस्ती शराब के फेर में लोग अपनी जानें गंवा बैठे। उन्होंने खुलासे किया कि सरकारी दुकानों से 20 रुपए कम में मिलावटी शराब बेची जा रही थी।
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को सागर जिले का दौरा कर प्रभावितों के हालचाल जाने। वे बंडा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम छापरी पहुंचे। यहां मिलावटी शराब से कई लोगों की दर्दनाक मौतें हुई हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी, घटना में मृतक कुलदीप के घर पहुंचे। उनके परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की।
जीतू पटवारी ने कहा कि इस कठिन समय में कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। दोषियों पर कठोर कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को न्याय और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाना सरकार की जिम्मेदारी है।
शराब से हुई मौतों को जीतू पटवारी ने सरकारी हत्या करार दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के कई नेता, मंत्री इस कारोबार में लिप्त हैं। जीतू पटवारी ने साफ कहा कि यहां के विधायक की भी शराब की फैक्ट्री चल रही है। उन्होंने कहा कि अब शराब के जरिए भाजपा बेकसूर लोगों की "सरकारी हत्या" करवा रही है। इससे पहले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी प्रभावितों और उनके परिजनों से मुलाकात की।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि वर्तमान में अवैध शराब से प्रभावित कुल 84 मरीजों का उपचार चल रहा है। इनमें 59 मरीज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में, 17 मरीज जिला चिकित्सालय में, 7 मरीज बंडा सिविल हॉस्पिटल में भर्ती हैं। 1 गंभीर मरीज को भोपाल भेजा गया। कलेक्टर के मुताबिक अधिकांश मरीजों की हालत अब स्थिर है। सभी के लिए आवश्यक दवाएं, डायलिसिस और जांच की सुविधाएं प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि जहरीली शराब के स्रोत की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह शराब बाहर से बनकर सप्लाई हुई है, जिसमें मेथेनॉल की मिलावट पाई गई है।