
खिमलासा थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और पुलिस पर लगे गंभीर आरोपों के मामले में गुरुवार को पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं नाबालिग के गर्भपात की मंजूरी भी कोर्ट ने दे दी है।
बीते दिनों खिमलासा क्षेत्र की नाबालिग को जबरन अपने साथ ले जाने और पुलिस द्वारा आरोपियों को ही उसे सौंपे जाने का मामला सामने आया था। परिजन का आरोप है कि लड़की को दो आरोपी शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लड़की के पिता ने खिमलासा थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने लड़की को आरोपी सहित 10 सितंबर को पकड़ लिया। जब परिजन उसकी आयु संबंधित दस्तावेज लेकर थाने पहुंचे, तो पुलिस ने नहीं सुनी।
मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य ओंकार सिंह का कहना है कि मामले में नियमानुसार नाबालिग को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करना था। वहां से उसके माता पिता के सुपुर्द करना था। यदि माता-पिता अपने बेटी को अपने साथ रखने से इंकार करते तो बाल संप्रेषण गृह में बालिग होने तक रखना था। लेकिन पुलिस ने लड़की को आरोपियों के साथ जाने दिया और जब पिता ने न्यायालय की शरण ली तब लड़की को कोर्ट में पेश किया गया।
खिमलासा थाना क्षेत्र के गरीब मजदूरी की 16 साल की लड़की को दो आरोपी शादी का झांसा देकर 23 मार्च 2025 की शाम अपने साथ ले गए थे। लडक़ी के पिता ने 24 मार्च को खिमलासा थाने में उसकी रिपोर्ट दर्ज कराई। 10 सितंबर को पुलिस ने लड़की को आरोपी के साथ पकड़ा था। लेकिन पुलिस ने उसे जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश नहीं किया। लड़की आरोपी के साथ ही चली गई थी।