सागर

central university की ग्रेडिंग सुधारने के बताने थे उपाय, गिनाने लगे अपनी समस्याएं

एकेडमिक ऑडिट की टीम में शामिल भारत सरकार के पूर्व उप सचिव ने जताई नाराजगी

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Nov 03, 2017
sagar university
sagar university academic audit

सागर. एकेडमिक ऑडिट की पांच सदस्सीय टीम ने गुरुवार को डॉ. हरिसिंह गौर विवि के चार विभागों का निरीक्षण किया। सबसे पहले कुलपति, सभी विभागों के डीन और शिक्षकों से अलग-अलग चर्चा की। दोपहर १२ बजे सेंट्रल लाइब्रेरी सभा कक्ष में टीम ने शिक्षकों के साथ बैठक ली। बैठक का उद्देश्य विवि की खराब ग्रेडिंग सुधार लाने पर चर्चा करना था। लाया जाए। बैठक में सभी विभागों के शिक्षक मौजूद थे, लेकिन जब उनसे प्रतिक्रिया ली गई तो वे विषय से भटककर निजी मुद्दे पर विचार रखते हुए दिखे। किसी ने रेग्युलर न किए जाने की बात कही, तो कोई अपनी बैंकिंग समस्या पर रोना रो रहा था।

जानकारी के अनुसार बैठक में एक शिक्षक तो एेसे थे जो भाषण की तर्ज पर अपनी बात रख रहे थे। उन्हें टीम ने पहले सीधे मुद्दे पर आने को कहा। जब विषय पर नहीं आए तो उनका माइक छीनने तक कह दिया। टीम में इंडियन काउंसिल ऑफ फिलोसिफिकल रिसर्च के चेयरमैन प्रो. एसआर भट्ट, भारत सरकार के पूर्व उप सचिव एसएस मेहलावत, आईआईटी खडग़पुर के प्रो. अनिल के गुप्ता, मणिपुर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रो. एस इबोतोम्बी व आईआईटी रुडक़ी के प्रो. एस रांगनेकर शामिल थे।

नेट का सेंटर शुरू कराने की मांग
कुछ शिक्षकों ने ग्रेडिंग सुधारने के संबंध में भी राय रखी। एक शिक्षक ने क्वालिटी रिसर्च को बढ़ाने के लिए मैनपावर न होना बताया। कहा कि रिसर्च शिक्षक को पढ़ाना भी होता है। एेसे में वह रिसर्च पर पूरा फोकस नहीं कर पाता है। शिक्षक द्वारा रुडक़ी विवि का हवाला देते हुए कहा कि यहां पर एेसी व्यवस्था है। टीम ने इस बात को नोट किया और इस दिशा में प्रयास किए जाने की बात कही। एक शिक्षक ने यूजीसी-नेट के सेंटर को लेकर अपनी राय रखी। बताया कि पहले विवि में सेंटर हुआ करता था। इस बिंदु को भी टीम ने नोट किया।

इन विभागों का निरीक्षण
टीम ने दोपहर ढाई बजे के बाद फिजिक्स, केमेस्ट्री, बॉटनी और फॉर्मेसी विभाग का निरीक्षण किया। टीम ने स्वच्छता भी देखी। छात्रों से बात की। नए व्याख्यान भवन का भी निरीक्षण किया। शुक्रवार को टीम बचे अन्य विभागों का निरीक्षण करेगी।

एटीपी यूनिट का उद्घाटन
दल ने हेल्थ सेंटर में एटीपी यूनिट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर चैयरमैन प्रो. आरएस भट्ट ने प्लांट की सराहना की और कहा कि केमिकल ट्रीटमेंट के लिए यह अनूठी पहल है। इस दौरान हेल्थ सेंटर के डॉ. अभिषेक जैन ने वर्मी कम्पोज और हाल ही में शुरू किए गए गम्बूसिया टैंक का भी जायजा लिया।

Published on:
03 Nov 2017 02:46 am