
Sagar Liquor Case Update: मध्यप्रदेश के सागर जिले में मिलावटी शराबकांड में प्रभावितों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है और सोमवार को मृतकों का आंकड़ा 26 पहुंच चुका है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस शराबकांड से बताए जा रहे ललितपुर कनेक्शन को नकार दिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से कहा गया है कि सागर के बंडा क्षेत्र में हुई घटना का ललितपुर से किसी तरह का कनेक्शन नहीं है।
यूपी पुलिस की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जिस शराब तस्करी के मुख्य आरोपी रवि लखेरा का नाम लिया जा रहा है, वह मध्यप्रदेश का ही निवासी है। जहरीली शराब के मामले में जो एफआइआर सागर पुलिस ने दर्ज की है, उसमें भी नामजद सभी 20 आरोपी मध्य प्रदेश के ही निवासी हैं। इसके साथ ही यूपी पुलिस की ओर से ये भी कहा गया है कि आरोपी आकाश राय को मड़वरा का दिखाया गया है, लेकिन वह भी दस वर्षों से बंडा में ही रह रहा था। आरोपी रवि लखेरा मध्यप्रदेश का ही है। वहीं सरकारी शराब ठेके चलाता है, उसके खिलाफ वहां कई थानों में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
ललितपुर पुलिस एवं आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि सागर जहरीली शराबकांड में अभियुक्तों के जो तथ्य ललितपुर से जोड़े जा रहे वह भ्रामक व निराधार है। ललितपुर जिले में अवैध तरीके से बनाई जाने वाली शराब केखिलाफ संयुक्त रूप से 4 मई को ही कार्रवाई कर मुख्य सरगना रवि लखेरा निवासी ग्राम महेबा, छतरपुर, चन्द्रेश लोधी निवासी ग्राम अण्डेला सागर सहित 5 अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा दिया था। इन सभी आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा मामले में बॉम्बिया और सागर गोल्ड नामक ब्रांड्स के इस्तेमाल की बात सामने आई है। ललितपुर पुलिस व आबकारी विभाग लगातार अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर रहा है।
ललितपुर पुलिस के अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने बाकायदा वीडियो जारी कर वास्तविकता को स्पष्ट किया है। उनका कहना है कि ललितपुर में स्पिरिट या केमिकल से अवैध तरीके से शराब का निर्माण नहीं किया जा रहा है और न ही इस घटना से जिले का कोई संबंध है। यदि सागर पुलिस की जांच में ललितपुर से जुड़ा कोई तथ्य सामने आया है, तो उसे ललितपुर पुलिस के साथ साझा किया जाना चाहिए।