
Sagar Excellence School Song: कभी-कभी एक छोटा-सा अवसर किसी विद्यार्थी की छिपी हुई प्रतिभा को सामने ला देता है। कुछ ऐसा ही हुआ है मध्यप्रदेश के सागर के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के कक्षा दसवीं के नेवी एनसीसी कैडेट अनमोल चौरसिया के साथ। 12 अक्टूबर की शाम करीब 5.30 बजे उसे विद्यालय के लिए एक गीत तैयार करने का जिम्मा मिला। अनमोल ने इसे केवल एक कार्य नहीं, बल्कि अपने विद्यालय के प्रति भावनाएं व्यक्त करने का अवसर माना। फिर शुरू हुआ शब्दों, विचारों और संगीत का ऐसा सिलसिला कि रात करीब 12 बजे तक उसने गीत तैयार कर भेज दिया। गाने के स्वर एआइ से दिए गए। एक्सीलेंस स्कूल की 200 वर्ष की गौरव गाथा पर यह गीत बनाया गया।
शुरुआत में अनमोल ने इसका नाम ‘एक्सीलेंस एंथम’ रखा था, लेकिन एनसीसी अधिकारी राजीव तिवारी के सुझाव पर इसे ‘एक्सीलेंस गीत’ नाम दिया गया। शिक्षक राजीव तिवारी के मार्गदर्शन और अनमोल के सांस्कृतिक गुरु अभिलाष चौबे से मिले प्रशिक्षण की अहम भूमिका रही। गाने के बोल सागर की शान…उत्कृष्ट विद्यालय…1827 से आज तलक, गूंजे अपना नाम हैं। ये गाना स्कूल के पूर्व छात्रों को भी काफी पसंद आ रहा है। …!
अनमोल ने गीत में अपने विद्यालय को केवल एक शिक्षण संस्थान के रूप में नहीं, बल्कि सपनों, संस्कारों, अनुशासन और उपलब्धियों की भूमि के रूप में प्रस्तुत किया है। गीत में वर्ष 1827 से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत, कक्षा नौवीं से बारहवीं तक की शैक्षणिक यात्रा, विद्यार्थियों की आकांक्षाओं और आइएएस, आइपीएस व सैन्य सेवाओं में योगदान की प्रेरणा को शामिल किया गया है। नेवी एनसीसी और आर्मी एनसीसी का उल्लेख करते हुए उसने देशप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और वर्दी के सम्मान को भी स्वर दिया है।