नियमों को ताक पर रखकर नेशनल हाईवे पर ही शिफ्ट कर ली वाइन शॉप
सागर. नेशनल व स्टेट हाईवे पर शराब दुकानों पर प्रतिबंध लगाने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश को स्थानीय अधिकारी धता बताते नजर आ रहे हैं। शराब दुकानों को मनमर्जी के स्थानों पर खुलवाने और ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए मची हाय-तौबा में जिम्मेदार अफवाह उड़ाने से भी बाज नहीं आए। मामला है मकरोनिया चौराहे का, जहां नियमों को ताक पर रखकर नेशनल हाईवे पर ही देशी शराब दुकान शिफ्ट करने का ताजा मामला सामने आया है। जिसमें शराब ठेकेदार ने हाल ही में मकरोनिया चौराहे पर ही देशी शराब दुकान शिफ्ट कर ली है और उसे सही भी होने का दावा कर रहे हैं।
दरअसल, शराब दुकान ठेकेदार नगरीय क्षेत्र से होकर गुजरे नेशनल व स्टेट हाईवे समाप्त होने की बात कर रहे हैं। इस बात को लेकर जब एनएच विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने इस हाईवे के समाप्त होने की बात को सिरे से नकार दिया। अधिकारियों का कहना था कि मकरोनिया चौराहे से ही नेशनल हाइवे क्रमांक-८६ शुरू होता है। उसमें कोई फेरबदल नहीं किया गया है।
पहले भी हट चुकी है दुकान
वित्तीय वर्ष 2017-18 में हुए शराब दुकानों के आवंटन के साथ यह भी आदेश जारी किए गए थे कि दुकान नेशनल व स्टेट हाइवे से 500 मीटर के दायरे में नहीं खोली जाएगी। इसके बाद शहर के अंदर पहुंची दुकानों का लोगों ने जमकर विरोध भी किया। इतना ही नहीं मकरोनिया में अंग्रेजी शराब दुकान महज 25-30 मीटर के दायरे में खुलने के बाद प्रशासन द्वारा हटा दी गई थी।
विवाद, छेड़छाड़ की आशंका
मकरोनिया चौराहे से निकले एनएच-86 पर शहर के अन्य मार्गों की तुलना में सबसे ज्यादा यातायात का दबाव होता है। जिस जगह शराब दुकान शिफ्ट की गई है, ठीक उसी के सामने पेट्रोलपंप, बस स्टॉप, टैक्सी स्टैंड आदि होने के कारण पहले से ही वाहनों की रेलमपेल मची रहती है और दिनभर जाम जैसे हालात बने रहते हैं। यहां शराब दुकान पहुंचने के बाद स्थिति और बेकार होगी। स्थानीय रहवासी अभिषेक खरे, श्रीराम पटेल आदि का कहना है कि शराब दुकान चौराहे के समीप शिफ्ट होने के बाद लड़ाई-झगड़े भी होंगे। छेड़छाड़ की घटनाएं भी बढ़ेंगी। क्योंकि यहीं आसपास कई कोचिंग संस्थान भी संचालित हो रहे हैं।
अभी तक हमारे पास एेसा कोई आदेश नहीं आया है जिसमें यह कहा गया हो कि मकरोनिया चौराहे से बहेरिया तिराहे तक राष्ट्रीय राजमार्ग समाप्त कर दिया है। यह किसी ने अफवाह फैलार्ई है और पूरी तरह झूठ है।
दीपक असाटी, ईई, एनएच
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार यदि क्षेत्र में रिंग रोड या बायपास है तो नगरीय क्षेत्र से निकलने वाले सभी मार्ग को एनएच व स्टेट हाईवे नहीं माना जाएगा। यही कारण है कि वहां शराब दुकान शिफ्ट कर दी गई है।
यशवंत धानौरा, सहायक आयुक्त आबकारी