भाजपा सांसाद बाबू हुकुम सिंह के द्वारा गोद लिए गांव में संदिग्ध बीमारी से एक महीने में 30 लोगों की मौत हो गई है।
सहारनपुर। भाजपा सांसद बाबू हुकुम सिंह के द्वारा गोद लिए गांव सुखेड़ी में एक महीने में संदिग्ध बीमारी से 30 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि दो सौ लोग बीमारी से ग्रसित हैं। ये दावा है सुखेड़ी गांव के रहनेवाले लोगों का। हालांकि, सहारनपुर के सीएमओ का कहना है कि उनके पास चार के मौत की ही जानकारी है। दरअसल, विगत एक महीने से पूरा गांव संदिग्ध बीमारी की चपेट में है। किसी का कहना है कि डेंगू से पूरा गांव ग्रसित है तो कोई मलेरिया और अन्य बीमारियों का कहर बता रहा है।
गंदगी के कारण फैल रही बीमारी!
पूरा गांव संदिग्ध बीमारी की चपेट में है और स्वास्थ्य विभाग महज खानापूर्ति कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस दयनीय हालत में भी कोई जनप्रतिनिधि एक बार भी हमें देखने नहीं आया है। ग्रामीणों के मुताबिक, दो दिन पहले ही स्वास्थ्य विभाग की एक टीम गांव पहुंची है। लेकिन, वो भी खानापूर्ति करते नजर आ रही है। एक स्थानीय ने बताया कि सभी बीमार को दो ही टैबलेट दिए जाते हैं, चाहे बीमारी कोई भी हो। वहीं, जब इस मामले में सीएमो आई एल मौर्या से बात की गई तो उनका कहना था कि उनके पास चार लोगों के ही मौत की खबर है। वो भी कैसे मरें इसकी पुष्टि नहीं है। उनके मुताबकि, डेंगू का असर गांव में नहीं है। किसी अन्य बीमारी से लोगों की मौत हो रही है। उनका यह भी कहना था कि गांव में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नाले की साफ-सफाई तक नहीं है। इसके कारण भी बीमारी बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साल 2014 में ग्रामीण इलाकों का विकास करने के लिए आदर्श ग्राम योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत हर सांसद को एक गांव गोद लेकर उसका संपूर्ण विकास करना था। इसी कड़ी में कैराना से बीजेपी सांसद बाबू हुकुम सिंह ने सुखेड़ी गांव को गोद लिया था। योजना के तीन साल हो गए लेकिन विकास होने की बजाय पूरा गांव बीमार पड़ चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर आज तक इस गांव में कुछ भी नहीं किया गया है। चारों तरफ गंदगी, गरीबी का कहर है। इसके कारण गांव की हालत दिन ब दिन बगड़ती जा रही है।
स्वच्छता अभियान की भी उड़ रही है धज्जियां
सांसद आदर्श गांव सुखेड़ी में स्वच्छता अभियान की भी धज्जियां उड़ रही है। गांव के चारो तरफ गंदगी ही गंदगी है, लेकिन सफाई करने वाला कोई नहीं। लोगों का कहना है कि सासंद साहब गांव तक देखने नहीं आते हैं। अब जरा सोचिए, केन्द्र से लेकर राज्य तक में बीजेपी की सरकार है। लेकिन. उन्हीं के सासंद उनकी योजनाओं और नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। ऐसे में दूसरे पार्टियों के सांसदों से मोदी और योगी सरकार क्या उम्मीदें कर सकती है।