
सहारनपुर। गंगोह थाना क्षेत्र में आदमखोर कुत्ते एक 9 माह की मासूम को घर आंगन से ही उठा कर ले गए। दिल दहला देने वाली इस घटना को अंजाम देते हुए कुत्तों ने मासूम बच्ची को नोच-नोचकर खा लिया और मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और बच्चे की मां का रो रो कर बुरा हाल है। पूरा गांव दहशत में है। ग्रामीण अब अपने मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता में है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के आसपास आदमखोर कुत्ते घूमते रहते हैं और अगर प्रशासन ने इन कुत्तों को पकड़ने में गंभीरता नहीं दिखाई तो ग्रामीणों को अपने बच्चों के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगानी पड़ेगी।
ऐसे हुई घटना
यह घटना, बेहट कोतवाली क्षेत्र के गांव दयालपुर में हुई। किसी गांव में रहने वाली महिला दीपमाला अपनी 9 माह की बच्ची को घर आंगन में बिस्तर पर लेटा कर पशुओं को बांधने चली गई। करीब 1 घंटे बाद जब दीपमाला वापस लौटी तो उसने देखा कि लिहाफ नीचे पड़ा था और बच्ची चारपाई से गायब थी। जब पूरे घर में तलाश करने के बाद भी बच्चे का कुछ पता नहीं चला तो दीपमाला ने शोर मचा दिया। इसके बाद गांव के लोग इकट्ठा हो गए और बच्ची की तलाश की गई। अभी काम के लोग बच्ची की तलाशी कर रहे थे कि किसी ने बताया कि गांव के पास एक खेत में कुछ कुत्ते इकट्ठा हैं। यह खबर मिलते ही ग्रामीण उस खेत की ओर दौड़ पड़े लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और कुत्ते इस बच्ची को नोच नोचकर खा चुके थे।
ग्रामीणों ने हल्ला बोला तो आदमखोर कुत्तों ने छोड़ा बच्चे का कंकाल
कुत्ते बुरी तरह से बच्ची को नोचते जा रहे थे और छोड़ने को तैयार नहीं थे इसके बाद जब इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने इन आदमखोर कुत्तों पर हल्ला बोला तो यह कुत्ते बच्चे के कंकाल को छोड़कर भागे इसके बाद इस बच्ची के हरियाणा में रहने वाले पिता संजू को बुलाया गया और गमगीन माहौल में पूरे गांव ने इस बच्ची के कंकाल को दफना दिया।
सहारनपुर में यह पहली घटना नहीं
आदमखोर कुत्तों के हमले की जिले में यह पहली घटना नहीं है पिछले करीब 6 महीनों में आदमखोर कुत्ते एक महिला समेत कई मासूमों पर हमला बोल चुके हैं और अब इन कुत्तों ने दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया है और बच्ची को उसके घर से उठाकर ले गए। आशंका जताई जा रही है कि जिले में चल रहे अवैध बूचड़खानों से इन कुत्तों के मुख्य लगा हुआ था और अब अवैध बूचड़खाने बंद हो जाने के बाद मुझे कुत्ते आदमखोर बनते जा रहे हैं।