
Saharanpur Mosque Court Order: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर अदालत के आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने शनिवार सुबह कार्रवाई शुरू कर दी। शुक्रवार रात से ही कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई थी। देर रात मस्जिद की सीलिंग की कार्रवाई के बाद शनिवार तड़के प्रशासन ने इमारत को हटाने की कार्रवाई शुरू की।
डीआईजी अभिषेक यादव ने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत से मस्जिद निर्माण को अवैध घोषित किया गया था। बाद में मस्जिद पक्ष अपील में गया था जिनकी अपील को जिला अदालत में खारिज करते हुए निर्माण को अवैध माना और बेदखली के आदेश जारी कर दिए। इसके बाद अदालत के आदेशों के अनुपालन में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी को तैनात किया गया और कलेक्ट्रेट के प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए। डीआईजी, एसएसपी, एडीएम प्रशासन संतोष बहादुर सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह समेत कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
जिला अदालत से शुक्रवार को राहत नहीं मिलने के बाद प्रशासन ने रात में ही कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी थी। पुलिस और प्रशासनिक टीम ने मस्जिद की सीलिंग की कार्रवाई की। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आसपास के इलाकों में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। इसी बीच समाजवादी पार्टी के नेताओं और मस्जिद पक्ष से जुड़े लोगों ने जिलाधिकारी से उनके आवास पर मुलाकात की। उन्होंने उच्च अदालत में अपील किए जाने तक मस्जिद के खिलाफ कार्रवाई रोकने की मांग की। हालांकि, प्रशासन ने अदालत के आदेश का हवाला देते हुए शनिवार सुबह कार्रवाई शुरू की और अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवा दिया।
कार्रवाई को लेकर शुक्रवार रात से ही शहर में चर्चा और हलचल का माहौल था। देर रात सोशल मीडिया पर लाइव आकर सहारनपुर सांसद इमरान मसूद ने अपने लोगों से अपील की थी कि कोई भी गलत कदम ना उठाएं। हम मस्जिद के खिलाफ जो आदेशों आये हैं उनके विरोध में बड़ी अदालत जाएंगे, उन्होंने कहा था कि लोग दुआ करें कि इस बीच मस्जिद को कोई नुकसान न पहुंचा जाए।
कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के निर्माण को लेकर अदालत में याचिका दाखिल की गई थी। मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने निर्माण को अवैध मानते हुए बेदखली के आदेश जारी किए थे। इसके खिलाफ मस्जिद पक्ष ने जिला अदालत में अपील की।
शुक्रवार को जिला अदालत ने अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने अदालत के आदेश के अनुपालन में कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली सामग्री और पूरे घटनाक्रम पर भी नजर रखी जा रही है।