विकृत मानसिकता के लाेगाें ने डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा काे किया क्षतिग्रस्त, पुलिस ने मामला किया दर्ज
सहारनपुर।
हाल ही में जातीय हिंसा की आग जले यूपी के सबसे संवेदनशील जिले सहारनपुर में एक बार फिर से माहाैल बिगाड़ने का प्रयास किया। शहर के अंदर काेतवाली थाना क्षेत्र में कुछ विकृत मानसिकता के लाेगाें ने डा. भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा काे क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना का पता चलते ही पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया। कारण भी था, दरअसल यह घटना सामान्य वर्ग की आेर से की गई भारत बंद की कथित कॉल के दिन हुई थी। मामले की गंभीरता काे देखते हुए माैके पर कई थानाें की फाेर्स लगाई गई आैर क्षतिग्रस्त प्रतिमा काे ठीक कराया गया। यह अलग बात है कि इस घटना काे किसने अंजाम दिया इसका पता 24 घंटे बाद भी नहीं चल सका है। पुलिस का यही कहना है कि इस घटना काे किसने अंजाम दिया है इसका पता लगाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
एेेसे हुई घटना
शहर के अंदर काेतवाली मंडी क्षेत्र में धाेबी घाट के पास परीगणित जातीय छात्रावास की जगह है। इस जमीन काे लेकर न्यायालय में विवाद विचाराधीन है। इसी जमीन पर डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा है। इस जमीन की चाहरदीवारी भी है। यह घटना मंगलवार दाेपहर करीब एक बजे की है। बताया जाता है कि, छात्रावास कमेटी के प्रधान राजबल आैर कमेटी के अन्य पदाधिकारी यहां पहुंचे ताे इन्हाेंने देखा कि डा. भीमवार अंबेडकर की प्रतिमा काे किसी ने नुकसान पहुंचाया हुआ था। प्रतिमा की एक भुजा काे पूरी तरह से उखाड़ दिया गया था। इस घटना के देखने से ही लग रहा था कि घटना काे किसी ने जानबूझकर अंजाम दिया है। इस घटना करने वालाें की मंशा प्रतिमा काे नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि समाज में एक बार फिर से हिंसा काे भड़काने का प्रयास था। इस घटना का पता चलते ही छात्रावास कमेटी आैर दलित समाज के अन्य लाेग माैके पर इकट्ठा हाे गए। इन्हाेंने घटना का विराेध जताया ताे पुलिस आैर प्रशासनिक अधिकारी माैके पर पहुंचे आैर लाेगाें काे समझा बुझाकर शांत किया। माैके पर पहुंचे सिटी मिजस्ट्रेट राजेश कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी इंदु सिद्धार्थ आैर एसडीएम सदर संगीता ने घटनास्थल काे देखने के बाद यहां माैजूद लाेगाें से बात की आैर उन्हे यह समझाने का प्रयास किया कि घटना काे किसी एक या एक से अधिक विकृत मानसिकता के लाेगाें ने अंजाम दिया है। जिस भी व्यक्ति ने इस घटना काे अंजाम दिया है उसे बख्शा नहीं जाएगा आैर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। काेतवाली मंडी पुलिस ने अज्ञात आराेपियाें के खिलाफ रिपाेर्ट दर्ज की है।
सहारनपुर में पहले भी हाेती रही एेसी घटनाएँ
पिछले वर्ष 20 अप्रैल काे सहानपुर में डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर बवाल हाे गया था। इसके बाद से जिले में एक के बाद एक घटनाएं हुई आैर सहारनपुर जातीय हिंसा की आग में भी जला। घड़काैली प्रकरण आैर शब्बीरपुर कांड के अलावा भीम आर्मी सेना पिछले वर्ष सुर्खियाें में रही आैर इन सभी सुर्खियाें का केंद्र सहारनपुर ही रहा। पिछले वर्ष सहारनपुर के देवबंद , नागल आैर गंगाेह थाना क्षेत्र में प्रतिमाआें काे नुकसान पहुचानें की घटनाएँ हुई। अच्छी बात यह है कि जातीय हिंसा की आग में जले इस जिले में यह सीरियल घटनाएं भी लाेगाें की भावनाआें काे नहीं भड़का पाई आैर सहारनपुर के लाेगाें ने विकृत मानसकिता के लाेगाें के गलत मंसूबाें काे कामयाब नहीं हाेने दिया। सहारनपुर एसएसपी बबलू कुमार का यही कहना है कि पुलिस घटना काे लेकर गंभीर है आैर तकनीक के इस्तेमाल के साथ-साथ इस मामले में मैनुअल पुलिसिंग से भी मदद ली जा रही है।