उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद की टेंशन बढ़ती हुई नजर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए विवादित बयान के मामले में कोर्ट ने उन पर चार्ज फ्रेम किया है।
सहारनपुर सांसद इमरान मसूद ने देवबंद क्षेत्र के गांव लबकरी गांव में नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित बयान दिया था। इस मामले में कोर्ट ने उनपर फ्रेम चार्ज किया है। अगर अदालत में दोष साबित हो जाता है तो इनकी सांसदी भी जा सकती है। इमरान मसूद ने 10 साल पहले पीएम मोदी को लेकर यह विवादित बयान दिया था, जिसकी वजह से सियासत गरमा गई थी। हालांकि बयान देने बाद उन्होंने माफी भी मांग ली थी।
विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने इसी मामले में आरोप तय किया है और इस मामले में ट्रायल चलेगा। कोर्ट ने कांग्रेस सांसद के खिलाफ जिन धाराओं में आरोप तय किया है, उसमें पांच से 7 साल तक की सजा का प्रावधान है। 27 मार्च 2014 को तत्कालीन कोतवाली देवबंद प्रभारी कुसुम वीर सिंह ने सांसद के खिलाफ आचार संहिता का उल्लंघन करने, माहौल खराब करने की कोशिश करने और अनुसूचित जाति के विधायकों के बारे में जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। FIR के बाद इमरान को जेल भी जाना पड़ा था।
इमरान मसूद ने 10 साल पहले लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान बोटी-बोटी काट देंगे वाला बयान दिया था। इस बयान को पीएम मोदी के खिलाफ बताया गया था। इस बयान के बाद काफी हंगामा हुआ था। उस वक्त इमरान मसूद कांग्रेस प्रत्याशी थे। हालांकि बाद में उन्होंने इस बयान के लिए माफी भी मांगी थी लेकिन उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही जारी रही।