मुफ्ती बोले, इस्लाम धर्म में किसी को तकलीफ पहुंचाकर नमाज पढ़ने की नहीं है इजाजत
देवबन्द. विधानसभा के सामने बीच सड़क पर नमाज पढ़ने वाले शख्स को देवबन्दी आलिम ने भी गलत बताया है। देवबन्द के आली मुफ्ती अहमद ने कहा कि इस्लाम में इस तरह नमाज पढ़ना सही नहीं है। किसी का रास्ता रोककर नमाज़ नहीं पढ़नी चाहिए। इबादत करने के लिए मस्जिद बनाई गई है। मस्जिद में हीं नमाज अदा करनी चाहिए, क्योंकि हमारे हजूर के सामने एक शिकायत आई थी कि कुछ मुजाहिदीन जो अपना पड़ाव रास्ते में डाले हुए थे। इस वजह से रास्ते से गुजर रहे लोगों को दिक्कत हो रही हैं तो अल्लाह के रसूल ने कहा कि यह गलत है और उन लोगों को जिहाद का सवाब नहीं मिलेगा। मस्जिद इसी लिए बनाई गई है कि ताकि मस्जिदों में ही नमाज पढ़ें। अगर कहीं ऐसे नमाज पढ़ने की जरूरत पड़ जाए तो ऐसी जगह नमाज़ पढ़े जहां पर किसी को दिक्कत या परेशानी न हो। इसलिए ऐसा करना जायज नहीं है कि राह गुजर को रोका जाए, जो चीज जिस काम के लिए बनाई गई है, उसी के लिए उसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए रास्ता। राहगीरों को सड़क पर चलने का अधिकार है, उन्हें उस पर चलना चाहिए और सामाजिक चीज पर सामाजिक कार्य करना चाहिए। अगर किसी जगह पर किसी को तकलीफ होती है और हम जान बूझकर इबादत करने खड़े हो जाएं तो यह मुनासिब नहीं है।
ये है पुरा मामला
दरअसल, यह मामला शुक्रवार शाम लखनऊ विधानसभा के सामने का है। यहां रफीक अहमद नाम के शख्स ने विधानसभा के गेट नंबर एक के बाहर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के खिलाफ गलत बयानी करते हुए एनेक्सी के बाहर खड़े होकर बीच सड़क पर नमाज अदा की। वैसे इस व्यक्ति को मानसिक रोगी बताया जा रहा है। इस व्यक्ति के पास से पुलिस ने अवैध चाकू भी बरामद की है। हालांकि पुलिस ने इस व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है।