Highlights पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 29 बैंक खातों पर पुलिस की नजर। मेरठ से छह, मुज़फ्फरनगर से चार, बिजनौर में 12 और हापुड़ से एक पीएफआई सदस्य गिरफ्तार। पूछताछ जारी।
सहारनपुर। पीएफआई ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी जड़ें जमा ली हैं। इसका खुलासा हाल ही में मेरठ बिजनौर मुजफ्फरनगर और हापु़ड़ पुलिस की कार्यवाही में हुआ है।
अपराध की राजधानी कहे जाने वाले मुजफ्फरनगर Muzaffarnagar से पुलिस ने पीएफआई के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। मेरठ पुलिस Meerut Police ने 6 और बिजनौर पुलिस ने 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। यह सभी पीएफआई एजेंट बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इनके बैंक खातों की जांच पड़ताल में लग गई है। ईडी के खुलासें के बाद यह बात सामने आ चुकी है कि, नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) 2019 के विरोध में जो लोग हिंसा भड़का रहे हैं उन्हें पीएफआई से फंडिंग हो रही है।
ईडी ने हाल ही में कई बैंक खातों में रकम भी दिए जाने की बात भी कही थी वेस्ट यूपी में भी ऐसे कुछ इनपुट मिले थे। इन इनपुट के आधार पर muzaffarnagar police पुलिस ने पड़ताल शुरू की ताे सफलता मिली। मेरठ पुलिस ने रविवार को 6 लोगों को गिरफ्तार किया, इनमें से मेरठ के प्रतापपुर से गिरफ्तार कारी इरफान के नाम पर अलग-अलग बैंकों में कई खाते मिले हैं। पुलिस अब इन सभी के बैंक खातों की जांच कर रही है। अकेले मेरठ में ऐसे 17 बैंक खाते पुलिस रडार पर हैं जिनकी पड़ताल की जा रही है।
इन सभी खातों का रिकॉर्ड अब बैंकों से मांगा जा रहा है। मेरठ के अलावा बिजनौर पुलिस Bijnor Police ने भी 12 लोगों को हिरासत में लिया है। इन सभी के पीएफआई एजेंट होने की आशंका है। एसपी सिटी बिजनौर के अनुसार जो लोग हिरासत में लिए गए हैं उनसे पूछताछ की जा रही है और बिजनौर में भी 12 ऐसे संदिग्ध बैंक खाते हैं जिन पर निगरानी हो रही है। पुलिस अफसरों के अनुसार बुधवार तक इन सभी बैंक खातों की डिटेल्स सामने आ जाएंगी। डिटेल्स सामने आने के बाद ही आधिकारिक रूप से पुष्टि की जाएगी।
हापुड़ Hapud से भी पुलिस ने एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से भी पुलिस ने सीएए को लेकर भड़काऊ पोस्टर मिलने की बात कही है। मुजफ्फरनगर पुलिस ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। मुजफ्फरनगर पुलिस के मुताबिक पकड़े गए सदस्यों के कब्जे से कुछ भड़काऊ पोस्टर मिले हैं। पुलिस की अब तक की जांच पड़ताल में यह भी सामने आ चुका है कि 20 दिसंबर को हुई हिंसा में इन सभी चारों ने बड़ी भूमिका निभाई थी। इनके द्वारा ही करीब 5 माह पहले मुजफ्फरनगर के गांव रियावली, नंगला, भनावड़ा समेत कई गांव में भड़काऊ पोस्टर चस्पा कराए गए थे।
पकड़े गए चारों संदिग्ध मुजफ्फरनगर के ही रहने वाले हैं और पुलिस अब इनसे पूछताछ कर रही है। इन चारों को कोतवाली क्षेत्र के बुढाना मोड़ से गिरफ्तार किया गया है।