सहारनपुर में महिला इंस्पेक्टर कल्पना त्यागी चेकिंग पर निकली ताे महिलाएं बाेली उन्हे मालूम ही नहीं था कि महिलाआें के लिए भी हैलमेट जरूरी हाेता है
सहारनपुर। हैलमेट काे लेकर महिलाआें के पास भी अनेक बहाने हैं। सहारनपुर में पुलिस ने हैलमेट काे लेकर चेकिंग की ताे महिलाआें ने एेसे-एसे बहाने बनाए जिन्हे सुनकर आप हंसते-हंसते लाेट-पाेट हाे जाएंगे। एक महिला ने ताे यह तक कह दिया कि महिलाआें काे भी हैलमेट लगाना जरूरी हाेता है यह ताे उन्हे पता नहीं था। शुक्रवार रात काे पुलिस ने सहारनपुर के काेर्ट राेड पर राेड पर वाहन चेकिंग अभियान चलाया ताे यहां महिलाआें के हैलमेट काे लेकर बहाने सुनने लायक थे।
पुलिस ने एक महिला काे राेककर हैलमेट ना लगाने का कारण पूठा ताे महिला बाले कि, अरे दीदी महिलाआें काे भी हैलमेट लगाना हाेता है क्या ? ये ताे हमे आज तक मालूम नहीं ही था। एक अन्य महिला का इस सवाल पर जवाब था कि आपने यानि पुलिस ने कभी हैलमेट के लिए महिलाआें काे टाेका ही नहीं ताे हमने भी इस बारे में कभी गंभीरता से साेचा नही नहीं। एक अन्य महिला ने बहाना इस तरह से बनाया आैर बाेली कि, बच्चे काे डॉक्टर के यहां दिखाना था ताे मैने साेचा इसमें हैलमेट की क्या जरूरत है। दाे युवतियाें ने ताे पुलिस इंस्पेक्टर काे कहा कि, आंटी बस आज छाेड़ दीजिए अब बात समझ में बात आ गई है आगे से हैलमेट लगाकर ही निकलूंगी।
यह संवाद पुलिस आैर महिलाआें के बीच का है। सहारनपुर में एसएसपी बबलू कुमार के निर्देश पर वाहन चेकिंग के दाैरान जब पुलिस ने महिलाआें काे राेककर उनसे हैलमेट न लगाने पर जुर्माना लगाया गया ताे महिलाएं बाेली कि उन्हे आज तक इस बात का पता ही नहीं था कि महिलाआें के लिए भी हैलमेट जरूरी हाेता है। दरअसल शुक्रवार रात काे सहारनपुर महिला थाना प्रभारी कल्पना त्यागी ने वूमेन पावर टीम के साथ काेर्ट राेड पर दुपहिया वाहनाें की चेकिंग की।
इस दाैरान महिला पुलिस स्कूटी चेक रही थी बगैर हैलमेट चलने वाली युवतियाें आैर महिलाआें काे राेककर उनसे हैलमेट ना लगाने का कारण पूछा जा रहा था। आपकाे यह जानकर हैरानी हाेगी कि करीब डेढ़ घंटे तक चली इस चेकिंग के दाैरान एक भी महिला काेर्ट राेड से एेसी नहीं निकली जिसने हैलमेट पहले से लगाया हाे। यह अलग बात है कि चेकिंग में फंस जाने के बाद महिलाआें आैर युवतियाें ने अपने घर से हैलमेट मंगाए आैर पुलिस से यह वादा किया कि वह अगली बार बगैर हैलमेट के सड़क पर नहीं निकलेंगी। अपनी सास के साथ स्कूटी पर आईसक्रीम खाने जा रही एक महिला ने पूछने पर यह जवाब दिया कि महिलाआें के लिए भी हैलमेट जरूरी हाेता है यह ताे उन्हे पता ही नहीं था। अपने बेटे के साथ जा रही एक महिला बाेली कि वह ताे बेटे काे सिर्फ डॉक्टर के पास ले जा रही हैं अब इतनी सी दूर के लिए भी क्या हैलमेट लगाना पड़ेगा ? इतना ही नहीं जब दाे युवतियाें काे राेककर उनसे हैलमेट ना लगाने के पीछे कारण पूछा ताे उन्हाेंने कहा कि बालाे के पफ ना बिगड़ जाए इसलिए उन्हाेंने हैलमेट नहीं लगाया था लेकिन अब वह आगे से एेसी गलती नहीं करेंगे हैलमेट लगाकर ही घर से निकलेंगे।
13 महिलाआें से माैके पर मंगाया हैलमेट
बगैर हैलमेट स्कूटी दाैड़ा रही 13 युवतियाें आैर महिलाआें से माैके पर ही हैलमेट मंगवाया गया। इनमें से तीन ने नया हैलमेट खरीदा जबकि बाकी ने घर फाेन करके हैलमेट मंगाया। इस दाैरान एक महिला का पति घर से हैलमेट लेकर पत्नी के पास पहुंचा आैर ताे पति काे भी बाेलने का माैका मिल गया। पुलिस के सामने ही पति ने पत्नी काे नसीहत देते हुए कहा कि देखा पति की बात नहीं मानने का यही नतीजा हाेता है। मैंने तुम्हे कितनी बार कहा है कि हैलमेट लगाए बगैर मत निकला कराे लेकिन तुम मेरी सुनती कहा हाे। इसके बाद पति की बात मानते हुए महिला ने कहा कि वह अब हैलमेट के बगैर नहीं निकलेंगी। इसके बाद ही इस दंपति काे जाने दिया गया। महिला थाना प्रभारी कल्पना त्यागी ने बताया कि करीब एक घंटे की चेकिंग के दाैरान कुल 15 चालाना किए गए आैर करीब 2000 रुपये जुर्माना वसूला गया। करीब 13 युवतियाें आैर महिलाआें से माैके पर ही हैलमेट मंगाया गया। उन्हाेंने यह भी बताया कि यह अभियान जारी रहेगा आैर सिटी में अलग-अलग स्थानाें पर हैलमेट की चेकिंग की जाएगी।