
SP Congress Alliance 2027: सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने एक कार्यक्रम में यूपी की सियासत से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। बातचीत के दौरान उनका सबसे भावुक पक्ष तब सामने आया, जब उनसे उनके दामाद शायान मसूद के समाजवादी पार्टी में शामिल होने को लेकर सवाल किया गया। वहीं, उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन और सीट शेयरिंग को लेकर भी अखिलेश यादव को स्पष्ट संदेश दिया।
शायान मसूद के सपा में शामिल होने और अखिलेश यादव के हालिया सहारनपुर दौरे में अपनी गैरमौजूदगी के सवाल पर इमरान मसूद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि राजनीति जिंदगी की हर चीज नहीं है और परिवार के टूटने का दर्द अलग होता है। इमरान ने बताया कि उनकी बेटी करीब छह महीने से अपने छोटे बच्चे के साथ उनके घर पर रह रही है। उन्होंने कहा कि वह इस स्थिति के लिए किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराते, बल्कि अपने वक्त को दोष देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सपा में जाना अपने आप में कोई गुनाह नहीं है, लेकिन बेटी का इस तरह घर बैठ जाना उनके लिए ज्यादा बड़ा दर्द है। इमरान ने 2022 के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय जो व्यवहार हुआ, उससे परिवार की परिस्थितियां बिगड़ीं।
जब इमरान मसूद से पूछा गया कि क्या पारिवारिक परिस्थितियों का असर उनकी राजनीति पर पड़ा है, तो उन्होंने इससे इनकार किया। उनका कहना था कि मुश्किलें इंसान को कमजोर करने के बजाय कई बार और मजबूत बनाती हैं। यानी पारिवारिक मोर्चे पर दर्द के बावजूद इमरान ने साफ संकेत दिया कि वह राजनीतिक लड़ाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर इमरान मसूद ने सपा के साथ गठबंधन को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उनका कहना है कि अगर बीजेपी को हराना है तो सीटों के बंटवारे पर बातचीत समय रहते शुरू करनी होगी। उन्होंने कहा कि चुनाव के करीब आने का इंतजार करने के बजाय अभी से सीट शेयरिंग पर फैसला होना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर कांग्रेस और सपा मिलकर मजबूत तैयारी करती हैं तो बीजेपी को चुनौती दी जा सकती है, लेकिन आखिरी समय तक सीटों को लेकर खींचतान रही तो गठबंधन के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इमरान ने यह भी कहा कि कांग्रेस किसी की दया पर चुनाव नहीं लड़ेगी। पार्टी गठबंधन के साथ चलने को तैयार है, लेकिन अपनी राजनीतिक जमीन छोड़कर किसी दूसरे दल को मजबूत करने के लिए तैयार नहीं है।
इमरान मसूद ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर कहा कि वह बड़े नेता हैं, लेकिन चुनाव सिर्फ हवा में नहीं जीते जाते। उनके मुताबिक बीजेपी बूथ स्तर तक बेहद आक्रामक तरीके से तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव को 2027 में मुख्यमंत्री बनना है तो सीट शेयरिंग जल्द तय करके अक्टूबर से ही पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरना होगा। इमरान ने 2017 का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय कमजोर स्थिति में होने के बावजूद कांग्रेस ने 107 सीटों पर चुनाव लड़ा था। अब पार्टी पहले की तुलना में मजबूत है, इसलिए 2027 में उसकी हिस्सेदारी भी उसकी मौजूदा राजनीतिक स्थिति के मुताबिक होनी चाहिए।
इमरान मसूद ने यूपी में पेपर लीक और सरकारी नौकरियों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग विभागों में संविदा व्यवस्था बढ़ने से पूरा सिस्टम प्रभावित हुआ है। उनका कहना था कि परीक्षा कराने वाली एजेंसियों से लेकर कर्मचारियों तक बड़ी संख्या में लोग संविदा व्यवस्था के तहत काम कर रहे हैं। जब तक स्थायी रोजगार और मजबूत भर्ती व्यवस्था नहीं होगी, तब तक इस समस्या का स्थायी समाधान मुश्किल है।
मुस्लिम और अल्पसंख्यक राजनीति के सवाल पर इमरान मसूद ने कहा कि कांग्रेस किसी एक जाति या धर्म की पार्टी नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी देश के हर पीड़ित और वंचित व्यक्ति की आवाज उठाने में विश्वास रखती है। उन्होंने ‘अल्पसंख्यक’ शब्द को लेकर भी अपनी असहमति जताई और कहा कि संविधान की नजर में हर नागरिक बराबर है। हालांकि, अगर किसी समुदाय के साथ अन्याय होता है तो कांग्रेस उसकी आवाज उठाएगी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े ‘शुद्धीकरण’ विवाद पर भी इमरान मसूद ने बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि खड़गे ने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में लगाया है और उनके साथ इस तरह का व्यवहार दलितों और वंचित वर्गों के प्रति मानसिकता को दिखाता है। इमरान ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि देश में हर वर्ग को बराबर सम्मान मिलना चाहिए और यही राजधर्म भी है।
2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी में सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रदर्शन पर इमरान मसूद ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को अहम बताया। उनका कहना था कि इस यात्रा से देश का राजनीतिक माहौल बदला और विपक्षी गठबंधन को इसका फायदा मिला।
राहुल गांधी पर मनुस्मृति को लेकर उठे सवालों के जवाब में इमरान मसूद ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि राहुल गांधी ने किसी संदर्भ का गलत इस्तेमाल किया है तो वह अध्याय और तथ्य सामने रखकर इसे साबित करे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संविधान और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों की बात कर रहे हैं और कांग्रेस इसी मुद्दे को आगे लेकर चल रही है।
इमरान मसूद के बयान से साफ है कि सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर उनकी प्राथमिकता सीट शेयरिंग का जल्द फैसला है। दूसरी तरफ सहारनपुर में अखिलेश यादव का अलग-अलग मुस्लिम नेताओं से संपर्क बढ़ाना और इमरान मसूद के दामाद का सपा में जाना स्थानीय राजनीति को और दिलचस्प बना रहा है।