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मुजफ्फरनगर में फ्लू के मामले मिलने के बाद, सहारनपुर मंडल में डॉक्टरों की छुट्टियां निरस्त, निगरानी तेज

swine flu मुजफ्फरनगर में स्वाइन फ्लू के मारीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इसी को देखते हुए सहारनपुर और शामली में स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
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प्रतीकात्मक फोटो ( स्रोत ChatGpt )

Swine Flu: सहारनपुर मंडल में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गए हैं। तत्काल प्रभाव से चिकित्सकों की छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं। बाहर से आने वालों लोगों की निगरानी बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली में सुरक्षित बेड के साथ विशेष वार्ड रिजर्व कर दिए गए हैं। इस तरह स्वास्थ्य विभाग ने किसी भी तरह की अपातकाल स्थिति के लिए कमर कसना शुरू कर दिया है।

मुजफ्फरनगर में दस मामले सामने आने के बाद जागा स्वास्थ्य विभाग

मुजफ्फरनगर में फ्लू के करीब दस मामले सामने आने के बाद पूरे सहारनपुर मंडल में स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर एक्टिव कर दिया गया है। यह अलग बात है कि अभी तक शामली और सहारनपुर में अधिकारिक रूप से फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन शासन ने मुजफ्फरनगर के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पूरे मंडल में चिकित्सकों की छुट्टियां निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके पीछे यही वजह है कि अगर कोई अपातकालीन स्थिति बनती है तो उससे सहजता के साथ निपटा जा सके।

मेडिकल कॉलेज से लेकर सीएचसी तक में तैयारी

सहारनपुर मेडिकल कॉलेज में फ्लू से निपटने के लिए 12 बेड का एक विशेष वार्ड रिजर्व कर दिया गया है। इस वार्ड में चार बेड पर वेंटीलेटर लगाए गए हैं। यह किसी अपात स्थिति की आहट से पहले की तैयारी है। इसी तरह से जिला अस्पताल में भी 11 बेड का एक वार्ड सुरक्षित किया गया है। इस वार्ड में फिलहाल टेमी फ्लू की दवाइयां रखी गई हैं। निगरानी के लिए एक्सपर्ट की टीम की ड्यूटी इस वार्ड के लिए रिजर्व की गई है। इसी तरह से सीएचसी पर भी व्यवस्थाएं की गई हैं। सहारनपुर के साथ-साथ शामली में भी फ्लू से निपटने के लिए इतंजाम किए जा रहे हैं।

घबराने से नहीं सावधान रहने से बनेगी बात

सहारनपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज डॉक्टर सुधीर राठी ने लोगों के सचेत रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू से घबराने की आवश्यकता नहीं है। किसी भी अपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टरों की टीम तैयार है। उन्होंने कहा कि फ्लू से डरने के बजाय सावधानी बरतने की आवश्यकता है। दहशत से स्वास्थ्य खराब होता है और किसी भी रोग से लड़ने के लिए मानसिक और शारीरिक दोनों शक्तियों की जरूरत पड़ती है। इसलिए सचेत रहें सावधान रहें डरे नहीं।

इस तरह के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से मिलें

फ्लू के कुछ लक्षण हम आपको बता रहे हैं। यदि गले में खराश हो, नाक बह रही हो, तेज बुखार हो, खांसी होने लगे, अचानक सर्दी लगने लगे, कपकपी छूट रही हो और कमजोरी महसूस होने लगे। तो इस तरह के लक्षणों को नजर अंदाज करना ठीक नहीं होगा। ऐसे मामलों में तुरंत डॉक्टर के पास जाएं और सलाह लें। ये सारे लक्षण एक साथ भी हो सकते हैं और इनमें से एक दो लक्षण भी हो सकते हैं। यदि इनमें से एक दो लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं तो भी मामले को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।

अफवाहों से बचने ना पैनिक हों ना होने दें

सहारनपुर जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉक्टर रवि प्रकाश का कहना है कि, प्रशासन की ओर से ही स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि किसी भी तरह से पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। चिकित्सकों की छुट्टियां भी निरस्त कर दी गई हैं। हालांकि उन्होंने लोगों को पैनिक होने के बजाय सावधान और सचेत रहने की सलाह दी है। बाहरी लोगों के संपर्क में आने से बचने के साथ-साथ उन्होंने अपने आस-पास और घरों में साफ-सफाई रखने की अपील की है।