सहारनपुर

देश की पहली रीजनल मैट्राे ट्रेन काे हरी झंडी, दिल्ली-गाजियाबाद आैर मेरठ हाेंगे कनेक्ट

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर ऑफ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम व मेरठ में रीजनल मेट्रो काे केंद्रीय मंत्रिमंडल से मिली स्वीकृति  
2 min read
metro
metro

सहारनपुर। वेस्ट यूपी के साथ देशवासियाें के लिए अच्छी खबर है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मेरठ में भारत की पहली रीजनल मेट्रो ट्रेन सेवा काे हरी झंडी दे दी है। इससे भी बड़ी खबर यह है कि इस सेवा का विस्तार दिल्ली तक कर दिया गया है। साफ शब्दाें में कहे ताे दिल्ली-गाजियाबाद आैर मेरठ के बीच भारत की पहली क्षेत्रीय रेल को मंजूरी मिली है। विशेषज्ञाें के अनुसार यह हाई स्पीड ट्रेन हाई-फ्रीक्वेंसी प्लेटफार्म पर दाैड़ेगी। इस ट्रेन का सफर आरामदायक हाेने के साथ-साथ सुरक्षित हाेगा। यह सेवा पूरी तरह से पर्यावरण फ्रेंडली हाेगी आैर 82 किलाेमीटर के सफर काे महज एक घंटे में तय कर लेगी।

ये हाेंगे फायदे

इस सेवा के शुरु हाेने से दिल्ली-गाजियाबाद आैर मेरठ के बीच लाेगाें काे जाम से निजात से मिलेगी। माना जा रहा है कि इस सेवा के शुरु हाेने के बाद हर राेज एक लाख वाहन सड़काें पर नहीं उतरेंगे। यानि एनसीआर की सड़काें पर करीब एक लाख वाहनाें का भार कम हाे जाएगा। इस याेजना से सड़काें पर लगने वाला जाम ताे कम हाेगा ही, साथ ही इन वाहनाें से हाेने वाला प्रदूषण भी कम हाेगा। यह सेवा मेरठ महानगर के साथ-साथ दिल्ली एनसीआर के लिए नई लाईफ लाईन साबित हाेगी आैर एनसीआर की सड़काें पर बढ़ता बाेझ कम हाेगा।

मिलेंगी यह सुविधाएं

यह मैट्राे सेवा आधुनिक तकनीक पर आधारित हाेगी। इन ट्रेनाें में सीसीटीवी कैमराें से निगरानी की जाएगी आैर यात्रियाें काे माेबाईल फाेन से लेकर लैपटॉप चार्चिंग के प्लग भी दिए जाएंगे। इन ट्रेनाें की बाेगियाें काे दैनिक जरूरताें काे देखते हुए तैयार किया जाएगा। बाेगियाें में अधिक स्पेश के साथ-साथ सामान रखने के लिए भी जगह दी जाएगी। स्टेशनाें पर विकलांगाें के लिए खास सुविधाएं हाेगी। इससे भी अधिक ध्यान इस बात पर दिया जाएगा कि स्टेशन एक दूसरें काे जाेड़ने वालें हाेंगे। यानि स्टेशनाें काे उन स्थानाें पर बनाया जाएगा जहां से बिजनेस हब, एयरपाेर्ट, बस अड्डाे आैर रीजनल एयरपाेर्ट के साथ-साथ अधिक आबादी वालाें क्षेत्र में जाना आसान हाे।

30 हजार 274 करोड़ रुपये की लागत से याेजना हाेगी तैयार

इस प्राेजेक्ट की अनुमानित लागत 30 हजार 274 कराेड़ मानी जा रही है। इतनी रकम से इस प्राेजेक्ट काे तैयार किया जाएगा। यहां यह भी बताने याेग्य है कि इस खर्च में निर्माण से लेकर संचालन आैर रख-रखाव के खर्च भी शामिल है।

Published on:
19 Feb 2019 10:31 pm
Also Read
View All
Saharanpur News: इकलौते भाई का शव मिलते ही सुलग उठा देवबंद, 17 साल के शिवा की हत्या पर हाईवे पर बवाल, पुलिस का लाठीचार्ज!

Shayan Masood Samajwadi Party: लोकसभा में किया प्रचार, अब सपा में शामिल होने की चर्चा, विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में बढ़ेगी टेंशन?

सहारनपुर पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, मजदूरों के चीथड़े उड़े, मची अफरा-तफरी

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद पर चलेगा बुलडोजर: प्रशासन ने ठोका करोड़ों का हर्जाना, 30 दिन में खाली करने का आदेश

DM ऑफिस के अंदर कैसे बनी मस्जिद? कोर्ट ने अवैध माना, अब 30 दिन में हटाने का आदेश, जानिए 6.41 करोड़ का जुर्माना कैसे तय हुआ