सहारनपुर

जेएनयू के जो समर्थक हैं वह आज नहीं तो कल गद्दार साबित होंगे: महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज

Highlights सहारनपुर के साऊथ सिटी मैदान में चल रही श्रीमदभागवत गीता कथा में पहुंचे थे स्वामी कैलाशानंद महाराज पत्रिका के साथ विशेष बातचीत में महामंलेश्वर बाेले प्रदर्शन करने का हक सभी काे लाेकिन राष्ट्रविराेधियों पर हाे कार्रवाई
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कैलाशा नंद जी महाराज

सहारनपुर। जेएनयू के जो समर्थक हैं वह आज नहीं तो कल जयचंद साबित होंगे, गद्दार साबित होंगे। जाेल लाेग शाहीन बाग और अन्य स्थानों पर धरना दे रहे हैं उनका केवल एक ही विषय है कि एनआरसी नहीं आनी चाहिए, सीएएए नहीं आना चाहिए 370 समाप्त होनी चाहिए, राम जन्मभूमि पर फैसला क्यों हो गया ? इससे साफ है कि ये सभी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। इन सभी को जेल में डाल देना चाहिए। इनके लिए अलग से जेल बनानी चाहिए और इनके लिए बड़े से बड़े कारागार बनवा देने चाहिए ताकि ये वहीं हमेशा के लिए धरना देते रहें।


यह बात सहारनपुर पहुंचे महामंडलेश्वर कैलाशानंद जी महाराज ने पत्रिका के साथ विशेष बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि अनशन करना सभी का अधिकार है। संविधान ने यह अधिकार प्रत्येक भारतीय काे दिया है लेकिन लेकिन अगर अनशन राष्ट्र विरोधी हो तो फिर ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी मुकदमे लिखे जाएंगे।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि, सीएए भारत के लिए, राष्ट्र के लिए और जो हमारे भारत के निवासी हैं उनके लिए बहुत अच्छा है। हर व्यक्ति चाहता है कि हमारे देश में हमारे ही लोग रहें। एक बिल्कुल साधारण सा विषय है कोई भी व्यक्ति हमारे घर में अगर बाहर से आकर रहना चाहे निवास करने लगे तो हम उसे अपने घर में नहीं रहने देते उससे परिचय पूछते हैं जानते हैं कि उससे कोई संबंध है या नहीं इसके बाद ही उसे आने देते है

इसी तरह से caa भी जरूरी है। सीएए राष्ट्र के लिए जरूरी है यह बात सभी लोग जानते हैं और यही कारण है कि आज जो लोग शाहीन बाग में बैठे हुए हैं उन्हें कोई पूछने नहीं जा रहा उनसे कोई मिलने नहीं जा रहा। सबको पता है कि वह सभी राष्ट्र विरोधी हैं। कैलाशानंद जी महाराज ने यह भी कहा कि जो लोग शाहीन बाग में बैठ कर अनशन कर रहे हैं, उन्हें मनाने की जरूरत नहीं है, उन्हें पूछने की भी जरूरत नहीं है। ऐसे लाेगाें काे बैठे रहने दो कम से कम वह एक जगह बैठे तो हैं ऐसे राष्ट्र विरोधी लोग अगर कहीं और होंगे तो खुराफात करेंगे।

इसलिए इन लोगों को वहीं बैठे रहने देना चाहिए। इनका अनशन समाप्त करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इनसे बात करने की कोई आवश्यकता नहीं है और ना ही इन्हें मनाने की कोई आवश्यकता है क्योंकि इनकी गतिविधि राष्ट्र विरोधी हैं।

Published on:
07 Feb 2020 10:13 am