
शामली। कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को शिकस्त देने के बाद भी सपा-रालोद प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में जश्न नहीं मना सकेंगे। वहीं अगर कोई भी प्रत्याशी या पार्टी कार्यकर्ता ऐसा करता है भी है तो उसके खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, कैराना में भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को रालोद-सपा प्रत्याशी तबस्सुम हसन ने करीब 55 हजार वोटों से शिकस्त दी। वहीं नूरपुर में भी सपा-रालोद प्रत्याशी नईमूल हसन ने भाजपा प्रत्याशी अवनी सिंह को 6678 वोट से हरा दिया। जिसके बाद गठबंधन प्रत्याशी व कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। लेकिन दोनों ही जिलों में आचार सहिंता लागू होने के चलते विजय प्रत्याशी जीत का जश्न खुलकर नहीं मना सकते। यदि कोई ऐसा करता भी है तो पुलिस द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विजय जुलुस पर बिजनौर एसपी देहात विश्वजीत श्रीवास्तव का कहना है कि चुनाव में जीत हासिल करने वाले प्रत्यशी आचार संहिता के चलते जिले में विजय जुलूस नहीं निकाल सकेंगे। यदि कोई आचार संहिता का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कैराना प्रशासन द्वारा भी एडवाइजरी जारी कर दी गई है। बताया गया है कि यदि कोई जल्दी किसी भी तरह का प्रदर्शन और नारेबाजी करता है तो आवश्यक बल प्रयोग करते हुए कारवाई की जाएगी।
आजम खान ने भाजपा पर बोला हमला
सपा नेता आजम खान ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि यह जीत कमजोर, दबे कुचले लोगों की जीत है। जिन्होंने अब तक तमाम जुल्म झेले हैं। अच्छा होता अगर यह गठबंधन पहले ही हो जाता। वहीं तेल की बढ़ी कीमतों के बारे में उन्होंने कहा कि देश के बादशाह तेल की कीमतों को लेकर पतंग उड़ा रहे हैं। जबकि गरीब मजलूम परेशान हैं और यह मोदी जी को नजर नहीं आता।