
Mosque Demolition Case Update: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को ढहाए जाने के बाद सियासत और बयानबाजी तेज है। इसी बीच हुदा जरीवाला को सहारनपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हुदा पर आरोप है कि उन्होंने मस्जिद गिराए जाने की कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रशासन पर टिप्पणी की थी। हुदा को सोमवार शाम उस वक्त पकड़ा गया जब वह सर्किट हाउस में विरोध प्रदर्शन करने पहुंची थीं।
हुदा जरीवाला का 2 दिन पहले का एक वीडियो सामने आया था। इसमें उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद गिराए जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि मस्जिद को शहीद किया गया है और यह गलत कार्रवाई है। उन्होंने सवाल किया था कि मस्जिद गिराने का अधिकार किसने दिया। हुदा ने यह भी कहा था कि पूरा मुस्लिम समाज ऐसे लोगों के खिलाफ खड़ा है और वे इस मामले में चुप नहीं बैठेंगे। पुलिस के अनुसार, इसी बयान को लेकर उनके खिलाफ शिकायत की गई थी।
इस भड़काऊ वीडियो के सामने आने के बाद सोमवार सुबह वकील दुष्यंत सिंह ने थाना सदर बाजार में हुदा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता वकील का कहना था कि हुदा के बयान से आम लोगों में भारी आक्रोश है और इससे माहौल बिगड़ सकता है। इसी शिकायत के आधार पर जब सोमवार शाम को हुदा सर्किट हाउस पहुंचीं और पुलिस के रोकने के बावजूद अंदर जाने की जिद करने लगीं तो पुलिस ने तुरंत उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और यूट्यूबर बताने वाली हुदा जरीवाला आम आदमी पार्टी की पूर्व प्रवक्ता रह चुकी हैं। उन्होंने BBC लंदन में भी काम किया है। हुदा ने अपने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि उनका जन्म और शुरुआती पढ़ाई सऊदी अरब के रियाद में हुई थी क्योंकि उनके पिता वहां रहते थे। उनका परिवार भोपाल और कराची से भी ताल्लुक रखता है। हुदा सऊदी अरब के संस्कृति और सूचना मंत्रालय की रिसर्च टीम का हिस्सा भी रह चुकी हैं। भारत आने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई शहरों और गांवों में काम किया। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में जमकर प्रचार भी किया था।
आपको बता दें कि 5 सितंबर को प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में बनी इस मस्जिद को कोर्ट के आदेश पर अवैध बताते हुए 16 घंटे की कार्रवाई में ढहा दिया था। रविवार को जब मलबा हटाया गया तो वहां एक रहस्यमयी कुआं मिला। सोमवार सुबह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। ASI अफसरों के मुताबिक यह कुआं 200 से 250 साल पुराना हो सकता है। मस्जिद की शिकायत करने वाले बजरंग दल के विकास त्यागी ने अब दावा किया है कि कुआं मिलने से यह साबित होता है कि वहां पहले मंदिर था जिसे तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी।
कलेक्ट्रेट परिसर में 3300 स्क्वायर फीट में बनी मस्जिद की शिकायत 10 फरवरी, 2025 को की गई थी। आरोप था कि इसके कमरों से अवैध किराया वसूला जा रहा है। DM के आदेश पर हुई जांच में मस्जिद को अवैध माना गया। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 16 जुलाई, 2026 को कोर्ट ने मस्जिद हटाने और 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया। 2 सितंबर को जिला जज की अदालत ने भी मस्जिद पक्ष की याचिका को खारिज कर दिया जिसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। वहीं मस्जिद पक्ष का कहना है कि उसे हाईकोर्ट में अपील का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया।