सहारनपुर

कांवड़ यात्राः उत्तराखंड का प्रवेश द्वार बने यूपी के इस जिले में एसएसपी ने किए खास इंतजाम

उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला उत्तर प्रदेश आैर दिल्ली के कावड़ियाें के लिए देवभूमि हरिद्वार जाने के लिए प्रवेश द्वार है।

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सहारनपुर।

यूपी का जिला सहारनपुर उत्तर प्रदेश समेत दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब आैर हिमाचल प्रदेश से आने वाले कावड़ियाें के लिए प्रवेश द्वार है। इसी जिले से हाेकर कावड़ियां गंगाजल लेने के लिए देवभूमि हरिद्वार में प्रवेश करते हैं। एेसे में कावड़ मेले काे लेकर हरिद्वार के बाद सहारनपुर जिला ही महत्वपूर्ण है आैर यही कारण है कि सहारनपुर में कांवड़ मेले की तैयारियाें काे लेकर सबसे अधिक कमर पुलिस आैर प्रशासन काे कसनी पड़ती है। यहां सिर्फ गंगाजल लेकर ही कावड़ियां नहीं आते बल्कि हरिद्वार गंगाजल लेने के लिए जाने वाले अधिकांश कावड़ियां भी इसी शहर से हाेकर निकलते हैं। एेसे में यहां कावड़ यात्रा शुरु हाेन से पहले ही कावड़ियाें का आना शुरू हाे जाता है।

इन राज्याें के कावड़ियां आते हैं सहानपुर से हाेकर

मुख्य रूप से सहारनपुर जिले में सड़क आैर रेल मार्ग से कावड़ियाें का रस रहता है। सड़क मार्ग से हरियाणा, पंजाब आैर हिमाचल प्रदेश के कावड़ियां आते हैं आैर रेल मार्ग से देश की राजधानी दिल्ली, राजस्थान आैर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कावड़ियां सहारनपुर से हाेकर ही हरिद्वार जाते हैं। इन कावड़ियाें की अधिकता के कारण सहारनपुर में सड़क मार्ग, रेल मार्ग आैर कावड़ मार्ग पर फाेर्स लगानी पड़ती है। एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल का कहना है व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुजफ्फरनगर आैर मेरठ से भी फाेर्स मंगाया गया है।

ये की गई हैं व्यवस्था

सहारनपुर में कावड़ यात्रा के लिए दाे अलग-अलग रूट बनाए गए हैं। मुख्य कांवड़ मार्ग गागलहेड़ी से हाेकर शहर के बीचाे-बीच से निकलता हुआ अंबला की आेर जाता है आैर दूसरा कावड़ मार्ग उन कावड़ियाें के लिए बनाया गया है जाे अलग-अलग राज्याें से हाेते हुए हरिद्वार जाएंगे। इनके लिए बिहारीगढ़ फतेहपुर मार्ग से व्यवस्था की गई है। एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल के मुताबिक सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई है। सीसीटीवी कैमराें की निगरानी बढ़ाई गई है। कांवड़ शिविराें की चेकिंग भी बन निराेधक दस्ताें से की जाएगी। कावड़ मार्ग पर रूट डायवर्जन प्लान लागू कर दिया गया है।

सहारनपुर में कुल 45 किलाेमीटर का कांवड़ मार्ग हैं। सहारनपुर की संवेदनशीलता काे देखते हुए इस कांवड़ मार्ग की निगरानी ड्रॉन कैमरे से निगरानी हाेगी आैर करीब 150 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। करीब डेढ़ हजार स्वयं सेवी भी कांवड़ मेले की व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्य करेंगे। डायवर्जन प्लान इस तरह से लागू किया गया है जिससे कांवड़ियाें काे काेई परेशानी ना हाे। दूध आैर गैस की गाड़ियाें काे पुलिस की आेर से पास दिया गया है उन्हे नहीं राेका जाएगा।

Published on:
31 Jul 2018 09:26 am
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