
देवबंद. पुलवामा आतंकी हमले और देवबंद से जैश-ए-मोहम्मद के 2 संदिग्ध आतंकवादीयों के एटीएस के हत्थे चढऩे के बाद दिन्दू संगठन की ओर से दारुल उलूम के खिलाफ नारेबाजी करना भारी पड़ सकता है। गुज्जर बाहुल्य गांव मिरगपुर में रविवार को हथियारों के साथ विरोध मार्च निकाला गया था। इस दौरान इन लोगों ने पाकिस्तान के साथ ही भारत के सबसे बड़े इस्लामिक शिक्षा के केन्द्र दारुल उलूम देवबंद के खिलाफ भी आग उगलने का काम किया था।
प्रदर्शन में शामिल लोगों और पूर्व सैनिकों ने हाथों में रायफल, बंदूकें और पिस्टल लहराते हुए सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि जितने भी आतंकवादी दारुल उलूम देवबंद में है। वे यहां से पाकिस्तान चले जाएं, नहीं तो एक मार्च को धावा बोलकर हम लोग खुद ही मदरसा दारुल उलूम पर चढ़ाई करेंगे। इस प्रदर्शन के बाद एस पी देहात ने कहा कि एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें असलहे के साथ प्रदर्शन किया गया जो पूरी तरह अवैधानिक है। इस पूरे प्रकरण में जांच कर कार्रवाई की जाएगी और जो इनके द्वारा कहा गया है। उस संबंध में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। किसी भी प्रकार से किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। इस पूरे प्रकरण को लेकर दारुल उलूम की पूरी तरह सुरक्षा की जाएगी और जो उनकी हरकतें अवांछनीय है उनको नहीं होने दिया जाएगा।
भाजपा विधायक कुवर बृजेश से बात की तो उनहोंने कहा की यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है, जब की सभी अखबरों व शोशल मिडिया पर ये मामला छाया हुआ है।