सहारनपुर लाैट रहे आर्किटेक्टकी कार माेहंड के पास सामने से आ रही दूसरी कार से टकराई गई। इस दुर्घटना में आर्किटेक्ट समेत तीन की माैत हाे गई।
सहारनपुर। देहारदून से स्टाफ के साथ सहारनपुर लाैट रहे नगर के एक आर्किटेक्ट की कार माेहंड के पास सामने से आ रही दूसरी कार से टकराई गई। यह टक्कर इतनी भयंकर थी कि कार में सवार चार लाेगाें में से आर्किटेक्ट समेत तीन की माैके पर ही माैत हाे गई। गंभीर रूप से घायल हुए चाैथे व्यक्ति का एक प्राईवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। दूसरी कार में सवार लाेगाें काे भी चाेट आई है जिन्हे देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दुर्घटना के बाद से मारे गए तीनाें लाेगाें के परिवार में काेहमरा मचा हुआ है। यह दुर्घटना रविवार रात करीब साढ़े आठ बजे की है।
एेसे हुई दुर्घटना
हकीकतनगर निवासी श्रवण कुमार गुप्ता आर्किटेक्ट हैं। वह किसी कार्य से देहरादून गए थे आैर वैगनआर कार से सहारनपुर लाैट रहे थे। कार में आर्किटेक्ट समेत कुल चार लाेग सवार थे। बताया जाता है कि माेहंड के पास इनकी कार सामने से आ रही दूसरी कार से टकराई गई। यह टक्कर इतनी भयंकर थी कि वैगनआर कार के परखच्चे उड़ गए। कार चला रहे मुकुल समेत पीछे याेगेंद्र कुमार आैर आर्किटेक्ट श्रवण कुमार गुप्ता की माैके पर ही माैत हाे गई। आगे की सीट पर कार चला रहे मुकुल के बराबर वाली सीट पर बैठा साेनू कार की खिड़की खुल जाने से नीचे जा गिरी आैर इसकी जान बच गई। इस दुर्घटना में केवल साेनू ही जिंदा बचा जिसका सहारनपुर के एक प्राईवेट अस्पताल में उपचार चल रहा है। दुर्घटना के बाद पहुंची पुलिस सभी घायलाें काे फतेहपुर सीएचसी लेकर पहुंची जहां चिकित्सकाें ने आर्किटेक्ट श्रवण कुमार समेत लक्ष्य पुरम निवासी मुकुल आैर याेगेंद्र काे मृत घाेषित कर दिया जबकि गंभीर रूप से घायल साेनू काे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। साेनू काे सहानपुर लाया गया जहां देर रात उसे दिल्ली राेड स्थित एक प्राईवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एयरबैग ने बचा ली दूसरी कार में सवार लाेगाें की जान
दाे काराें की आमने-सामने की टक्कर हुई आैर इस टक्कर में एक ही कार में सवार तीन लाेगाें की माैके पर ही माैत हाे गई जबकि दूसरी कार में सवार सभी लाेग बच गए। इसके पीछे बड़ा कारण एयरबैग काे माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि दूसरी कार डब्ल्यूआरवी थी। इस कार में एयरबैग थे आैर दुर्घटना हाेते ही एयरबैग खुल गए। इनक एयरबैग की वजह से दूसरी कार में सवार सभी लाेगाें की जान बच गई। इस के बाद जब माैके पर आस-पास के लाेगाें के इकट्ठा हुए इन सभी का यही कहना था कि अगर आर्किटेक्ट की कार में भी एयरबैग हाेते ताे शायद उनकी जान भी बच जाती।