हमलों के बाद श्रीलंका सरकार ने लगाई है रोक रोक पर उलेमा ने एक तबके को परेशान करने का आरोप लगाया
देवबंद/सहारनपुर। श्रीलंका में धार्मिक स्थलों में हुए आतंकी हमले के बाद श्रीलंका सरकार द्वारा चेहरा ढकने वाली पोशाकों पर पाबंदी लगाने पर उलेमा ने कड़ा ऐतराज जताया है। इस पर आलिमे-ए-दीन के उलेमा मौलाना कारी इस्हाक़ गौरा का दो टूक कहना है कि वहां की हुकुमत एक तबके को टारगेट कर रही है। जो घटिया और छोटी सोच का होना दर्शाता है।
उलेमा का कहना है की श्रीलंका में धार्मिक स्थलों पर हुआ हमला निंदनीय है। लेकिन उसके नतीजे में ऐसे कानून बनाना जो किसी मजहबी दस्तूर से टकराते हों यह सरासर गलत और संयुक्त राष्ट्र संघ के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर हुए हमले से बुर्के पर पाबंदी लगाना और चेहरा ढकने का कोई ताल्लुक नहीं है। घटना की जांच करना, मुजरिमों को तलाश करके उन्हें सजा देना यह चीजें बेहद जरुरी है न की उसके नतीजे में किसी एक धर्म के लोगों को निशाना बनाकर इस तरह की कार्रवाई करना सरासर गलत है।