वीएचपी नेता ने जमीयत उलेमा ए हिंद को बताया संदिग्ध
देवबन्द। हाल ही में nia और ATS ने यूपी के अमरोहा समेत दिल्ली एनसीआर से कई संदिग्धों को पकड़ा है। जिसके बाद से आस-पास के इलाकों में भी माहौस गरम हैं। ऐसे में एक दिन पहले ही जमीयत उलेमा ए हिन्द की ओर से बयान आया कि वह पकड़े गए बेकसूर युवाओं की मदद करेंगी। जिसपर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री का ऐसा बयान सामने आय़ा है जिसपर विवाद होना तय माना जा रहा है। वीएचपी के प्रांत मंत्री विकास त्यागी ने जमीयत उलेमा ए हिंद पर ही सवाल खड़े कर दिए।
विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत मंत्री विकास त्यागी ने बयान दिया कि संदिग्ध आंतकियों की पैरवी करने का मतलब है की जमीयत भी कहीं न कहीं आंतकवाद से जुड़ी हुई है, सरकार को इसकी जांच करवानी चाहिए और देश के अन्दर ऐसी संस्था पर बैन लगाना चाहिए, जो आंतकवादियों की पैरवी करती हो।
आपको बता दें कि जमीयत उलेमा हिंद ने कहा था कि जो युवा पकड़े गए हैं और अगर वो बेकसूर हैं तो संगठन इनकी पैरवी करेंगा। जिसे लेकर अब विश्व हिंदू परिषद के नेता ने ये विवादित बयाव दे दिया। इसके आगे उन्होंने कहा कि केवल जमीयत वकील ही खड़े नहीं कर रही है बल्कि जमीयत की गतिविधियां भी संदिग्ध है। यह भी कहीं न कहीं आतंकवादियों से जुड़ी हुई है।
इस दौरान विकास त्यागी ने एक बार फिर देवबंद और मदरसों को आतंकवाद का अड्डा बताया और कहा कि देवबंद के मदरसों के अंदर चाहे दारुल उलूम हो या कोई और मदरसे हो ये आतंकवाद के अड्डे हैं। आतंकवादियों को शरण दिया जाता है पनाह दी जाती है, तो ये क्यों नहीं आतंकवादियों की पैरवी करेंगे और ऐसी संस्था पर तो देश के अंदर बैन लगना चाहिए और जिसने यह बयान दिया है कि हम उनकी पैरवी करेंगे और वकील खड़े करेंगे सरकार को उनकी जांच करनी चाहिए उन्हें भी जेल के अंदर डाल देना चाहिए जो आतंकवादियों की पैरवी करते हैं इस देश के अंदर।