समस्तीपुर

पिता ने कब्र खोदकर खुद निकाली बेटी की लाश; ससुराल वालों ने एक महीने पहले किया था दफन, अब खुलेगा मौत का राज

बिहार के समस्तीपुर में एक पिता ने अपनी बेटी के लिए इंसाफ पाने के लिए कब्र खोदकर उसकी लाश बाहर निकाली। पिता का आरोप है कि उसकी बेटी के ससुराल वालों ने दहेज के लिए उसकी हत्या कर दी और उसकी लाश दफ़ना दी।

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कब्र खोदकर बेटी की लाश निकालते पिता और आस-पास खड़े लोग

Bihar News: बिहार के समस्तीपुर जिले से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपनी ही बेटी का शव निकालने के लिए उसकी कब्र खोदी। यह घटना सिंघिया प्रखंड के हरीपुर गांव की है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शादीशुदा महिला के शव को दफनाए जाने के 33 दिन बाद कब्र से बाहर निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

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दहेज की बलि चढ़ गई 18 साल की रोजीदा

मृतका की पहचान लिलहौल पंचायत के हरीपुर गांव निवासी मो. नेमतुल्लाह की पत्नी रोजीदा खातून (18) के रूप में हुई है। रोजीदा के पिता मो. शौकत अली ने बताया कि उन्होंने 23 अक्टूबर 2025 को अपनी बेटी की शादी तय की थी। शादी के समय दहेज के तौर पर 1.25 लाख रुपये नकद और गहने दिए गए थे। हालांकि, उसके ससुराल वाले बाकी 1.25 लाख रुपये की मांग करते हुए रोजीदा को लगातार परेशान करते रहे।

करंट लगाकर हत्या

पिता का आरोप है कि 14 मार्च की रात दहेज की मांग पूरी न होने पर उनकी बेटी की करंट लगाकर हत्या कर दी गई। ससुराल वालों ने आनन-फानन में शव को कब्रिस्तान में दफना दिया। जब पिता को इस स्थिति के बारे में पता चला और वे गांव पहुंचे, तो उन्हें स्थानीय लोगों से एक वीडियो मिला जिसमें मृतका की गर्दन पर एक काला निशान और उसकी छाती पर चोट के निशान साफ ​​दिखाई दे रहे थे। इस वीडियो को सबूत के तौर पर इस्तेमाल करते हुए पिता ने न्याय पाने के लिए पुलिस थानों के चक्कर लगाने शुरू कर दिए।

पुलिस पर मामला दबाने का आरोप

शौकत अली के लिए अपनी बेटी का पोस्टमॉर्टम करवाना किसी जंग से कम नहीं था। उन्होंने बताया कि शुरुआत में सिंघिया थाने की पुलिस ने इस मामले को बीमारी से हुई मौत बताकर दबाने की कोशिश की। हालांकि, रोजीदा के पिता ने हार नहीं मानी और वह बार-बार पुलिस स्टेशन और DSP के दफ्तर का चक्कर लगाते रहे। कभी बड़ा बाबू नहीं मिले, तो कभी साहब छुट्टी पर थे।

पिता का यह भी दावा है कि गांव के कुछ रसुखदार लोग इस मामले को दबाने और जबरदस्ती समझौता करवाने के लिए दबाव डाल रहे थे। लगभग एक महीने की लगातार कोशिश और सीनियर अफसरों के दखल के बाद रोसेरा के SDO ने आखिरकार एक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया और कब्र खोदने का आदेश दिया।

पिता ने खुद खोदी कब्र

जब शनिवार को मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस टीम कब्रिस्तान पहुंची, तो वहां अजीब सी खामोशी छाई हुई थी। पिता के मुताबिक, पुलिस ने उनसे पूछा कि कब्र कौन खोदेगा। जब कोई आगे नहीं आया, तो पिता ने खुद फावड़ा उठा लिया। उन्होंने अकेले ही कब्र खोदी और अपनी बेटी का शव बाहर निकाला। इस दौरान पुलिस ने किसी को भी वीडियो बनाने की इजाजत नहीं दी और परिवार वालों को भी दूर रखा गया।

लापरवाह पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी

मामले की गंभीरता को देखते हुए ASP संजय पांडे ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। ASP ने आगे कहा कि पूरी घटना की जांच चल रही है और जो भी पुलिस वाला लापरवाही का दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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