
पुलिस की गिरफ्त क्लर्क
Bihar News:बिहार में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (SVU) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई में गुरुवार को एक और बड़ी सफलता हासिल की है। समस्तीपुर जिले में कार्रवाई करते हुए ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने रोसड़ा अनुमंडल अस्पताल के एक क्लर्क को एरियर और पेंशन के पैसे रिलीज करने के लिए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी जिले के रोसड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत अनुमंडल चौक के पास मुख्य सड़क पर हुई। आरोपी क्लर्क को ब्यूरो की छापेमारी टीम ने ठीक उसी समय दबोच लिया, जब उसने एक लाख रुपये की रिश्वत ली। इस साल भ्रष्टाचार के खिलाफ ब्यूरो का यह 50वां बड़ा ऑपरेशन है।
यह पूरा ऑपरेशन शिवाजीनगर थाना क्षेत्र के निवासी देवेंद्र मंडल द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद शुरू किया गया था। शिकायतकर्ता देवेंद्र मंडल टेकनीशियन के पद से नवंबर में रिटायर हो गए थे, लेकिन उनके कार्य अवधि का रुपया बकाया था। देवेंद्र मंडल के अनुसार आरोपी अनिल राम ने इसी बकाया वेतन और वेतन के एरियर के भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। बकाया वेतन और एरियर की कुल राशि लगभग 3,700,000 (सैंतीस लाख रुपये) थी। क्लर्क पेंशन से संबंधित औपचारिकताओं में तेजी लाने के बदले भी अनुचित लाभों की मांग कर रहा था।
शिकायत मिलने पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने आरोपों की सत्यता की जांच की, जिससे इस बात की पुष्टि हो गई कि वास्तव में रिश्वत की मांग की गई थी। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक (DSP) संजय कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम (ट्रैप टीम) का गठन किया गया। 29 अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज करने के बाद ब्यूरो ने 30 अप्रैल को जाल बिछाया। जैसे ही क्लर्क ने एक लाख रुपये अपने हाथ में निगरानी की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने इस वर्ष भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने अभियान में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार कर लिया है। 2026 में की गई इस कार्रवाई के साथ ही ब्यूरो की 50वीं FIR दर्ज हो गई है। इस वर्ष अब तक 45 ट्रैप ऑपरेशन किए जा चुके हैं। अब तक कुल 43 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। इस वर्ष अब तक कुल 1,741,000 की रिश्वत राशि बरामद की गई है। इसकी तुलना में वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप मामले दर्ज किए गए थे।
Published on:
30 Apr 2026 06:00 pm
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