सम्भल

संभल में योगी के बुलडोजर का खौफ, मुस्लिम समुदाय ने देर रात की मस्जिद में तोड़-फोड़, मलबा भी हटाया

संभल में प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई से पहले उसका खौफ देखने को मिला। तहसीलदार और 31 अधिकारियों की टीम 4 जनवरी को कार्रवाई के लिए तैयार थी, लेकिन आधी रात को ही यह हो गया।

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Jan 04, 2026
सरकारी जमीन से हटाई गई मस्जिद और मकान Source- X

Sambhal News: यूपी के संभल से बुलडोजर कार्रवाई को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। संभल में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन की सख्ती का असर दिखा। सलेमपुर सालार (हाजीपुर) गांव में 439 वर्ग मीटर में बनी मदीना मस्जिद को मस्जिद कमेटी ने खुद ही ध्वस्त कर दिया, इससे पहले कि प्रशासन 4 जनवरी 2026 को बुलडोजर चलाता।

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प्रशासन की कार्रवाई से पहले खुद तोड़ा ढांचा

प्रशासन ने अवैध निर्माण हटाने के लिए 4 जनवरी की तारीख तय की थी। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में 31 राजस्व अधिकारियों की टीम, भारी पुलिस बल, पीएसी और आरआरएफ की टुकड़ियां तथा तीन बुलडोजर तैयार थे। टीम सुबह 10 बजे मौके पर पहुंचने वाली थी, लेकिन मस्जिद कमेटी ने आधी रात के बाद खुद ही कार्रवाई शुरू कर दी। रात 12 बजे के बाद हथौड़े, औजार और बुलडोजर की मदद से लोग मौके पर जुटे और सुबह तक पूरी दो मंजिला मस्जिद मलबे में बदल गई। मलबा भी साफ कर दिया गया, ताकि कोई विवाद न हो।

लंबे समय से चल रहा कानूनी विवाद

यह मामला संभल के हयातनगर थाना क्षेत्र का है। मुतवल्ली हाजी शमीम पर आरोप था कि उन्होंने 439 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर मस्जिद बनवाई। 14 जून 2018 को इसकी रिपोर्ट दर्ज हुई। तहसीलदार न्यायालय में लंबी सुनवाई के बाद सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच हुई। अंत में अदालत ने जमीन को सरकारी घोषित कर कब्जा हटाने का आदेश दिया।

प्रशासन की व्यापक तैयारी और दबाव

अवैध निर्माण हटाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद था। कई थानों की पुलिस, पीएसी, आरआरएफ तैनात की गई थी। लेखपाल, कानूनगो और राजस्व टीम भी मौजूद रहने वाली थी। तीन बुलडोजर स्टैंडबाय पर थे। इस बड़ी तैयारी से अतिक्रमणकारियों पर दबाव बना और उन्होंने खुद कार्रवाई का फैसला लिया। तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, “प्रशासन के कड़े रुख और कानूनी आदेशों के कारण मस्जिद कमेटी व स्थानीय लोगों ने खुद कब्जा हटाने का निर्णय लिया। अगर लोग स्वयं सरकारी जमीन खाली कर रहे हैं, तो यह बेहतर है। इससे कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं होती।” प्रशासन ने मलबा कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और नियमों से कोई ऊपर नहीं है।

Updated on:
04 Jan 2026 11:39 am
Published on:
04 Jan 2026 11:15 am
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