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संभल में स्वामी रूपेंद्र प्रकाश का हमला: अखिलेश यादव को दी सरयू के जल में डूब मरने की चेतावनी

Sambhal Hindu Conference: संभल में हुए हिंदू सम्मेलन में महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला, राम भक्तों के खून से सरयू लाल होने की घटनाओं का हवाला देते हुए समाज में एकजुटता और धर्म का सही पालन करने की अपील की।

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Jan 22, 2026
संभल में स्वामी रूपेंद्र प्रकाश का हमला..

Swami Roopendra Prakash Akhilesh Yadav:यूपी के संभल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में गुरुवार को एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में हरिद्वार के प्राचीन अवधूत आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश ने जमकर अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राम भक्तों के खून से सरयू नदी लाल हो गई थी और ऐसे लोगों को सरयू के जल में डूब मर जाना चाहिए।

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गांव में धार्मिक माहौल का निर्माण

सम्मेलन से पहले श्री नर्मदेश्वर शिव मंदिर परिसर में हवन-यज्ञ संपन्न कराया गया। इसके बाद 201 महिलाओं ने पीत वस्त्र धारण कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश यात्रा निकाली। इस यात्रा ने पूरे बाघऊ गांव में धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल को जीवंत कर दिया।

समाज में भाईचारे और राष्ट्रहित पर जोर

महामंडलेश्वर ने हिंदू समाज की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि हिंदू धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र संस्कृति है। उन्होंने समाज से आपसी भेदभाव समाप्त कर संगठित होने और युवाओं से परंपराओं, संस्कारों और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने की अपील की।

अविमुक्तेश्वरानंद विवाद का जिक्र

स्वामी रूपेंद्र प्रकाश ने अपने संबोधन में अविमुक्तेश्वरानंद का जिक्र करते हुए कहा कि काशी में अखिलेश यादव की सरकार में उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें डंडे मारे थे, जिसका वीडियो आज भी सोशल मीडिया पर मौजूद है। उन्होंने अखिलेश के धर्माचार्यों के अपमान पर रोने को पाखंड करार दिया।

इतिहास की याद दिलाकर उठाए सवाल

महामंडलेश्वर ने 1990 के राम जन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में राम भक्तों पर गोलियां चलाई गईं, जिससे सरयू का जल खून से लाल हो गया था। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग किस मुंह से धर्म की बातें करते हैं, यह उन्हें शोभा नहीं देता।

समाज में सकारात्मक बदलाव पर जोर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यवाह छत्रपाल ने संघ की 100 वर्षों की यात्रा का संक्षिप्त परिचय देते हुए समरसता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सौहार्द, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य जैसे पंच परिवर्तनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संघ का उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है।

धर्म के नाम पर अवसरवादिता की आलोचना

महामंडलेश्वर ने कहा कि जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं, 1966 में दिल्ली की सड़कों पर आंदोलन हुआ और कांग्रेस ने सैकड़ों साधुओं पर गोलियां चलवाई। उन्होंने कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वतीजी के जेल भेजे जाने का उदाहरण देते हुए कांग्रेस और कांग्रेसी नेताओं की धर्म के नाम पर अवसरवादी राजनीति की कड़ी आलोचना की।

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