सम्भल

बहन की सगाई की खुशियों पर चला बुलडोजर: 27 बीघा सरकारी जमीन से हटाया गया अवैध कब्जा, गांव में मची अफरा-तफरी

Sambhal News: यूपी के संभल में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के दौरान बुलडोजर एक्शन हुआ। 27 बीघा जमीन पर बने अवैध मकान तोड़े गए, जिनमें एक घर ऐसा भी था जहां सगाई की तैयारी चल रही थी। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और गांव में तनाव का माहौल बना रहा।

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Jan 14, 2026
बहन की सगाई की खुशियों पर चला बुलडोजर | AI Generated Image

Sambhal Bulldozer Action:उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान के तहत एक बार फिर बुलडोजर एक्शन देखने को मिला। बिछोली गांव में बुधवार को प्रशासन की बड़ी कार्रवाई के दौरान करीब 27 बीघा सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाए गए। कार्रवाई की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से सामान निकालने में जुट गए।

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राजस्व विभाग की टीम और भारी पुलिस बल तैनात

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए राजस्व विभाग की चार कानूनगो, बीस लेखपाल और एक नायब तहसीलदार की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम के साथ दो बुलडोजर भी थे, जो पैमाइश पूरी होते ही एक्शन में आ गए। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव के चारों ओर 15 स्थानों पर पुलिस बल और RAF की एक कंपनी तैनात की गई।

सबसे पहले प्रधान का मकान ढहा, फिर अन्य घरों पर कार्रवाई

प्रशासनिक कार्रवाई की शुरुआत गांव के प्रधान अतीक के मकान से की गई। प्रधान का घर गिरते ही पूरे गांव में सन्नाटा छा गया। इसके बाद एक-एक कर अन्य अवैध मकानों को बुलडोजर से जमींदोज किया जाने लगा। लोग अपने घरों को गिरते हुए देखकर भावुक नजर आए, लेकिन भारी पुलिस बल के कारण खुला विरोध नहीं हो सका।

सगाई वाले घर पर चला बुलडोजर, परिवार में पसरा मातम

कार्रवाई के दौरान सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य तब सामने आया, जब एक ऐसे घर को तोड़ा गया, जहां उसी दिन मंगनी की रस्म होनी थी। परिवार के एक युवक ने बताया कि उसकी चचेरी बहन की सगाई थी और सभी लोग तैयार होकर समारोह के लिए निकलने वाले थे। इसी बीच बुलडोजर उनके घर पहुंच गया। युवक का कहना था कि आखिर आज ही का दिन इस कार्रवाई के लिए क्यों चुना गया।

सामान समेटते रहे लोग, छतों से उतारी गई पानी की टंकियां

प्रशासन की ओर से मकान खाली करने के निर्देश मिलने के बाद कई परिवार अपने घरों से सामान निकालते नजर आए। कोई बर्तन समेट रहा था तो कोई चारपाई। कुछ लोग छतों पर रखी पानी की टंकियों को भी नीचे उतारते दिखे। कई घंटों तक गांव में यही दृश्य बना रहा, जहां लोग अपने टूटते घरों को आखिरी बार देखते रहे।

किस-किस तरह की सरकारी जमीन कराई जा रही खाली

प्रशासन के अनुसार जिन जमीनों से अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं, उनमें 12 बीघा मवेशियों के चरागाह की जमीन, 8 बीघा बाग की जमीन, साढ़े चार बीघा खाद के गड्ढे की जमीन, सवा बीघा खेल के मैदान की जमीन, आधा बीघा स्कूल की जमीन और आधा बीघा पंचायत घर की जमीन शामिल है। इन सभी जमीनों को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज बताया गया है।

पहले भी कई गांवों में हो चुकी है इसी तरह की कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिछोली गांव से पहले भी सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर और राया बुजुर्ग गांव में सरकारी जमीन पर बने अवैध मकानों को गिराया जा चुका है। यह अभियान जिले भर में चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है और आगे भी जारी रहेगा।

2022 से चल रहा था मामला, कोर्ट से मिले थे बेदखली आदेश

तहसीलदार धीरेंद्र ने बताया कि बिछोली गांव के लोग वर्ष 2022 से बेदखली का मुकदमा लड़ रहे थे। ट्रायल कोर्ट ने बेदखली का आदेश दिया था, जिसके बाद लोगों ने लोअर कोर्ट में अपील की, लेकिन वहां से भी आदेश बरकरार रहा। इसके बाद लोगों ने मकान खाली करने के लिए समय मांगा था।

थोड़ी मोहलत के बाद शुरू हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई

तहसीलदार के मुताबिक प्रशासन ने मानवीय आधार पर कुछ समय की मोहलत दी, ताकि लोग अपना सामान निकाल सकें। जो मकान खाली हो गए, उन्हें तत्काल तोड़ा गया और जैसे-जैसे अन्य मकान खाली होंगे, उन्हें भी एक-एक कर गिराया जाएगा।

ग्रामीणों का आरोप- जानबूझकर चुना गया आज का दिन

गांव के एक युवक ने आरोप लगाया कि आज उसकी चचेरी बहन की मंगनी थी और जानबूझकर इसी दिन कार्रवाई की गई। उसका कहना है कि गांव के कुछ दलाल इस पूरी प्रक्रिया में आगे चल रहे हैं और उन्होंने ही प्रशासन को आज के दिन की जानकारी दी। युवक ने सवाल उठाया कि क्या कार्रवाई के लिए कोई और दिन नहीं चुना जा सकता था।

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