सम्भल

महाअष्टमी पर चामुंडा धाम सजा दिव्यता से: 56 भोग, भव्य आरती और कन्या पूजन के बीच श्रद्धा का सैलाब

Sambhal News: संभल के 800 साल पुराने चामुंडा मंदिर में महाअष्टमी पर भव्य आयोजन हुआ, जहां फूलों का बंगला सजाया गया और हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
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Mar 26, 2026
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महाअष्टमी पर चामुंडा धाम सजा दिव्यता से..

Mahashtami News: संभल के ऐतिहासिक चामुंडा मंदिर में चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी इस बार बेहद भव्य और आस्था से परिपूर्ण माहौल में मनाई गई। करीब 800 साल पुराने इस सिद्धपीठ में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों से इस तरह सजाया गया कि पूरा भवन ‘फूलों का बंगला’ बन गया, जिसने हर आने वाले भक्त को मंत्रमुग्ध कर दिया।

महाआरती में उमड़ी भारी भीड़

पूरे दिन मंदिर में भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा, जहां 5000 से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। शाम को आयोजित महाआरती में 700 से ज्यादा भक्त शामिल हुए और पूरा वातावरण जयकारों से गूंज उठा। आरती के दौरान मंदिर परिसर में इतनी भीड़ रही कि सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे।

यजमानों ने चढ़ाया छप्पन भोग

गुरुवार को मंदिर में मुख्य यजमान के रूप में शुभम गुप्ता और नैंसी गुप्ता ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और महाआरती संपन्न कराई। उन्होंने मां को छप्पन भोग अर्पित किया, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। नवरात्रि व्रत रखने वाले भक्तों ने कन्या-पूजन कर परंपरा का निर्वहन किया, जिसे रामनवमी के दिन भी जारी रखने की तैयारी है।

मां महागौरी की पूजा का विशेष महत्व

महाअष्टमी का दिन विशेष रूप से मां महागौरी की पूजा के लिए समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां महागौरी शांति, पवित्रता और सौम्यता का प्रतीक हैं। श्रद्धालु मानते हैं कि इस दिन उनकी पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इसी कारण कन्या पूजन का इस दिन विशेष महत्व होता है।

श्रद्धालुओं ने साझा किए अनुभव

मंदिर में आए श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था और अनुभव साझा किए। सुधीर गर्ग ने बताया कि महाअष्टमी का यह पर्व रामनवमी से भी जुड़ा हुआ है और कई श्रद्धालु इस दिन अपने व्रत का समापन करते हैं। वहीं प्रतिज्ञा गर्ग ने कहा कि भगवान राम के जन्मोत्सव की खुशी में मंदिर में विशेष उत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिससे माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया है।

ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व

मंदिर के महंत मुरली सिंह ने बताया कि यह प्राचीन मंदिर संभल शहर के बसने के समय से जुड़ा हुआ है और इसे सम्राट पृथ्वीराज चौहान की कुलदेवी मां चामुंडा का स्थान माना जाता है। इस ऐतिहासिक महत्व के कारण यहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और अपनी आस्था प्रकट करते हैं।

Updated on:
26 Mar 2026 11:12 pm
Published on:
26 Mar 2026 11:12 pm