
मैं जिंदा हूं ...। सरकारी कागजों में मृत अबरार, खुद को जिंदा साबित करने के लिए अपने गले में तख्ती लटकाए दर-दर की ठोकर खा रहा है। हर सरकारी दफ्तर और अफसर से अपने जिंदा होने की गुहार लगा रहा है। पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। थाने की पुलिस ने भी अबरार को गंभीरता से नहीं लिया। अंत में कोर्ट ने अबरार की शिकायत को गंभीरता से लिया। और हयात नगर थाने की पुलिस को आरोपी समेत तीन लोगों पर केस दर्ज करने और मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए है।
सगे भाई ने दिया धोखा
मामला आपको चौंका देगा। मामला संभल के हयात नगर थाना इलाके के मुजफ्फरपुर गांव का है। पीड़ित अबरार ने आरोप लगाया कि, उसके सगे भाई इसरार ने एक साजिश के तहत बैंक में उसका खाता खुलवाने के बाद खुद को नॉमिनी दिखाकर उसका फर्जी मृत्यु प्रमाण.पत्र लगाया। और प्रधानमंत्री जीवन बीमा की 2 लाख रुपए की धनराशि हड़प ली। पीड़ित अबरार ने कहाकि, बड़े भाई इसरार ने जाली मृत्यु प्रमाण.पत्र के जरिए फर्जीवाड़ा कर उसकी छह बीघा जमीन भी अपने नाम दर्ज करा ली है। जब उसने विरोध किया तो उसके भाई इसरार और उसके परिवार के लोगों ने उसके साथ मारपीट की।
कोर्ट ने केस दर्ज करने को कहा
पीड़ित अबरार ने बताया कि, जब वह इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने को हयात नगर थाने में गया तो थाने की पुलिस ने अबरार की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। जिसके बाद पीड़ित ने कोर्ट से गुहार लगाई। कोर्ट ने पीड़ित अबरार की याचिका पर गंभीरता से सुनवाई की। और हयात नगर थाने की पुलिस को आरोपी इसरार समेत तीन पर केस दर्ज करने को कहा। साथ ही मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए है। फिलहाल, पीड़ित अबरार सरकारी अभिलेखों में स्वयं को जीवित साबित करने के लिए हाथ में मैं जिंदा हूं की तख्ती लिए तहसील और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है।